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सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ की याचिका पर गुजरात सरकार को भेजा नोटिस, अब 25 अगस्त को होगी सुनवाई

तीस्ता सीतलवाड़ा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी करते हुए 25 अगस्त तक जवाब मांगा है। याचिका में गुजरात हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम जमानत देने से इनकार करने के फैसले को चुनौती दी गई है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से को नोटीस जारी किया है।

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Supreme Court sends notice to Gujarat government on Teesta Setalvad's petition, will consider interim relief on August 25

Supreme Court sends notice to Gujarat government on Teesta Setalvad's petition, will consider interim relief on August 25

सुप्रीम कोर्ट ने आज तीस्ता सीतलवाड़ा की याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ा की जमानत याचिका पर गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है और 25 अगस्तक तक जवाब मांगा है। 2002 के गोधरा दंगों के मामलों में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी सहित हाई-रैंकिंग अधिकारियों को फंसाने के लिए दस्तावेज बनाने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा दायर जमानत याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गुजरात राज्य को नोटिस जारी किया है।


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम विचार करेंगे कि तीस्ता को क्या राहत दी जाए, जब मामला गुजरात हाईकोर्ट में लंबित है। तीस्ता की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि हम अंतरिम राहत चाहते हैं, हाईकोर्ट में 19 सितंबर को सुनवाई रखी गई है, जिसके बाद कोर्ट ने कहा कि आप गुरुवार तक इंतजार कीजिए।

जस्टिस यू यू ललित ने कहा, "मैं सोराबुद्दीन मुठभेड़ केस में कुछ आरोपियों के लिए बतौर वकील पेश हुआ था। अगर आपको कोई दिक्कत नहीं है तो सुनवाई करेंगे।" तीस्ता के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। गुरुवार, 25 अगस्त को कोर्ट मामले की सुनवाई करेगा।


बता दें, तीस्ता को 2002 के गुजरात दंगों से संबंधित साजिश और सबूत गढ़ने के मामले में 25 जून को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 468, 471, 194, 211, 218, और 120 B के तहत गिरफ्तार किया गया है। इसी मामले में तीस्ता ने जमानत याचिका दाखिल की है।

इस जमानत याचिका पर 2 अगस्त को गुजरात हाई कोर्ट ने SIT को नोटिस जारी कर सुनवाई की अगली तिथि 19 सितंबर तय की थी। 30 जुलाई को अहमदाबाद का सेशस कोर्ट जमानत याचिका खारिज कर चुका है। सेशन कोर्ट ने कहा था कि गुजरात सरकार को अस्थिर और बदनाम करने की नीयत से काम किया गया।

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