
सुप्रीम कोर्ट (ANI)
Supreme Court Verdict Stray Dogs: देश में डॉग बाइट (कुत्तों के काटने) की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने फैसले को बरकरार रखा है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें डॉग लवर्स की ओर से स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसी सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के पूर्व आदेश में बदलाव की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है।
आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि पहले यह देखना होगा कि कोर्ट का आदेश लिखित है या मौखिक टिप्पणी। उन्होंने कहा कि खतरनाक श्रेणी के कुत्तों की पहचान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि सभी सड़क पर रहने वाले कुत्तों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाएगा तो यह गंभीर चिंता का विषय बन जाएगा।
कांग्रेस प्रवक्ता राजपूत ने कहा कि प्रशासन को सिर्फ उन कुत्तों की पहचान करनी चाहिए जो असल में लोगों के लिए खतरा बने हुए है। उन्होंने कहा कि अगर सही तरीके से पहचान कर कार्रवाई की जाए तो सुप्रीम कोर्ट को तर्कसंगत फैसला लेना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सभी सड़क पर रहने वाले कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई गलत होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किए जाने के कारण समस्या और गंभीर होती जा रही है। कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और यह अब बेहद गंभीर समस्या बन चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर में मात्र एक महीने में कुत्तों के काटने के 1,084 मामले दर्ज किए गए। कई छोटे बच्चों के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। तमिलनाडु में साल के पहले चार महीनों में करीब दो लाख कुत्तों के काटने के मामले सामने आए। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (आईजीआई) समेत देश के व्यस्त एयरपोर्ट्स पर भी कुत्तों के काटने की घटनाएं हो रही हैं। सूरत में एक जर्मन यात्री को भी कुत्ते ने काट लिया। ऐसी घटनाएं शहरी प्रशासन और गवर्नेंस पर लोगों के विश्वास को प्रभावित कर रही हैं।
Updated on:
19 May 2026, 3:07 PM IST
Published on:
19 May 2026, 2:56 PM IST
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