
शुभेन्दु अधिकारी, भाजपा नेता (Photo Credit - IANS)
Suvendu Adhikari takes oath: पश्चिम बंगाल में आज नई सरकार का शपथ ग्रहण है। शुभेंदु अधिकारी अब राज्य के नए सीएम होंगे। शुक्रवार शाम जब अमित शाह ने शुभेन्दु अधिकारी को भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने का ऐलान किया, तब से सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वह तत्कालीन TMC नेता शुभेन्दु अधिकारी को रिश्वतखोर बता रहे हैं। हालांकि, पीएम मोदी ने अपने भाषण में प्रत्यक्ष रूप से शुभेन्दु का नाम नहीं लिया था। पीएम मोदी के पुराने वीडियो को X पर पोस्ट करते हुए सपा नेता व यूपी के पूर्व मंत्री आईपी सिंह ने निशाना साधा है।
पीएम मोदी के पुराने वीडियो को पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी के नेता व यूपी सरकार में मंत्री रहे आई सिंह ने लिखा कि वक्त था सन 2016,जब Narendra Modi ने कैमरे पर कथित रूप से रिश्वत लेते दिखने वाले Suvendu Adhikari का खूब मजाक उड़ाया था। आज 10 साल बाद वही मोदी शुभेन्दु अधिकारी को बंगाल का मुख्यमंत्री नियुक्त करते हैं। राजनीति में सिद्धांत और बयान अक्सर सत्ता की जरूरतों के आगे बदल जाते हैं।
कांग्रेस नेता रितु चौधरी ने भी पीएम मोदी उस वीडियो को X पर साझा किया है। रितु ने कहा कि 2016 में मोदी ने कैमरे पर रिश्वत लेते पकड़े गए शुभेन्दु अधिकारी का मजाक उड़ाया था। 10 साल बाद वही मोदी उन्हें बंगाल का मुख्यमंत्री बना रहे हैं।
कमलेश खांडेवाल नाम के एक्स अकाउंट ने पोस्ट करते हुए लिखा कि साल 2014 में तहलका मैगजीन ने एक नारदा स्टिंग ऑपरेशन किया। उसमें TMC के कई बड़े नेता और सुवेंदु अधिकारी भी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए। BJP ने 2016 के चुनाव के समय ऑफिसियल चैनल पर वीडियो पब्लिश किया और इस मुद्दे को उठाया। आज वाशिंग मशीन में सारे पाप धूल गये।
पीएम मोदी ने साल 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी पार्टी का एक नेता टीवी कैमरा के सामने यह कहते हुए पाया गया कि कितना लाए हो। फिर वह रुपयों के बंडल को अपने पास रख देते हैं। उस समय शुभेन्दु अधिकारी टीएमसी के नेता थे और तत्कालीन सीएम ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाते थे।
नारदा स्टिंग ऑपरेशन 2016 का एक बड़ा राजनीतिक स्टिंग था। इसमें कोलकाता के पत्रकार सुजीत भट्टाचार्य (नारदा न्यूज) ने गुप्त कैमरे से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई बड़े नेताओं को पकड़ा था। वीडियो में TMC के मंत्री, सांसद और विधायकों को नकद रिश्वत लेते दिखाया गया था। ये रिश्वत कथित तौर पर कंपनी को सरकारी काम दिलाने और राजनीतिक मदद के बदले ली जा रही थी। ये स्टिंग 2016 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जारी हुआ था, जिसने पश्चिम बंगाल की राजनीति में तूफान ला दिया। CBI ने बाद में केस दर्ज किया और कई नेताओं पर आरोप लगे।
Updated on:
09 May 2026 10:50 am
Published on:
09 May 2026 10:47 am
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