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Protest Ban: तेलंगाना विश्वविद्यालय ने परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन पर लगाई रोक, बीजेपी और बीआरएस ने कांग्रेस पर साधा निशाना

osmania university bans protests: बीजेपी और बीआरएस दोनों ने कांग्रेस पर छात्रों के अधिकारों को दबाने और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है।

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Osmania University: तेलंगाना में उस्मानिया विश्वविद्यालय ने परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन और धरने पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने विभागों, कॉलेजों, केंद्रों और प्रशासनिक भवनों में अतिक्रमण, विरोध प्रदर्शन, नारे लगाने और सभाओं पर भी सख्ती से रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय के इस कदम ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है, जिसमें बीजेपी और बीआरएस ने सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है।

विश्वविद्यालय ने जारी किया पत्र

उस्मानिया विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया कि हाल के दिनों में यह देखा गया है कि छात्रों/छात्र समूहों द्वारा विभागों/कॉलेज केंद्रों के प्रशासनिक भवन में प्रवेश करने, प्रदर्शन और धरने देने की कई घटनाएं हुई हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रशासनिक कार्य में बाधा उत्पन्न हुई है और समाज में विश्वविद्यालय के बारे में गलत धारणा बनी है। 

विश्वविद्यालय ने प्रदर्शन पर लगाई रोक

यूनिवर्सिटी ने पत्र में आगे लिखा उस्मानिया विश्वविद्यालय के परिसर में अतिक्रमण, धरना और आंदोलन करना, नारे लगाना, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकना, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ असंसदीय और गंदी भाषा का प्रयोग करना प्रतिबंधित है।

BJP और BRS ने लगाया यह आरोप

इस बीच, बीजेपी और बीआरएस दोनों ने कांग्रेस पर छात्रों के अधिकारों को दबाने और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है। यह विवाद तेलंगाना की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है, क्योंकि दोनों विपक्षी दल इस मुद्दे को सरकार के खिलाफ जन आंदोलन के रूप में भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।

बीआरएस नेता ने साधा निशाना

बीआरएस नेता कृषांक ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय तेलंगाना राज्य आंदोलन के दौरान विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा है और इस तरह की रोक इसकी लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ है।

BJP ने फैसले को बताया अघोषित आपातकाल

विश्वविद्यालय के इस फैसले का बीजेपी नेता रामचंदर राव ने इस फैसले को अघोषित आपातकाल करार दिया और आरोप लगाया कि तेलंगाना सरकार छात्रों की आवाज को दबाने के लिए विश्वविद्यालय का इस्तेमाल कर रही है।

केटीआर ने विवि के फैसले की निंदा

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (केटीआर) ने भी इस कदम की कड़ी निंदा की और कहा कि कांग्रेस ने उस्मानिया विश्वविद्यालय को जेल में बदल दिया है। उन्होंने पूछा कि क्या यही वह लोकतांत्रिक अधिकार है जिसका दावा राहुल गांधी और कांग्रेस करते हैं। केटीआर ने यह भी कहा कि सरकार छात्रों की वास्तविक समस्याओं, जैसे हॉस्टल में दूषित भोजन पर ध्यान देने के बजाय उनके विरोध को कुचलने पर केंद्रित है।

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