
The Kerala Story 2 पर छिड़ा सियासी संग्राम (Photo-X)
The Kerala Story 2 controversy: रिलीज से पहले ही द केरल स्टोरी 2 (The Kerala Story 2) नए विवाद में घिर गई है। इस फिल्म का निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है और निर्माण विपुल अमृतलाल शाह ने किया है। फिल्म में दिखाया गया है कि कुछ लोग युवा हिंदू महिलाओं को अंतरधार्मिक शादी के नाम पर बहला-फुसलाकर ले जाते हैं, फिर उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं, उनके अधिकार छीन लेते हैं और उन्हें जबरन इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करते हैं। दरअसल, पहले भाग को लेकर भी काफी विवाद हुआ था।
इस विवाद में नेताओं की भी एंट्री हो चुकी है। PDP विधायक सैयद आगा मुंतज़िर मेहदी ने कहा कि मुसलमानों को बेइज्जत करने के लिए हर क्षेत्र को हथियार बनाया गया है। एक मनोरंजन क्षेत्र था, जो अहम भूमिका निभाता था। इसमें सामाजिक मुद्दे दर्शाए जाते थे, लेकिन अब उसे भी मुसलमानों को बेइज्जत करने के लिए हथियार बना लिया गया है।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने भी इस फिल्म को लेकर प्रतिक्रिया दी है। थरूर ने कहा कि पहली फिल्म, केरल स्टोरी, नफरत फैलाने वाली फिल्म थी। उसमें कोई बेसिस नहीं था। वे कह रहे थे कि हजारों लोगों ने धर्म बदल लिया है। यह सही नहीं है। मेरे हिसाब से, कुछ सालों में कुल मिलाकर ऐसे करीब 30 मामले सामने आए।
कांग्रेस सांसद ने इस फिल्म को नफरत फैलाने वाली बताया। उन्होंने कहा कि इसके मुख्य दावे अतिरंजित और भ्रामक हैं। उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि हजारों लोगों को जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया था, और कहा कि उपलब्ध आंकड़े कई वर्षों में केवल कुछ ही मामलों की ओर इशारा करते हैं।
थरूर ने तर्क दिया कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में छिटपुट घटनाओं को राष्ट्रव्यापी घटना के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
'द केरल स्टोरी 2' पर BJP प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि केरल में जो कुछ भी हो रहा है, वह बहुत शर्मनाक है। चाहे वह कांग्रेस सरकार हो या लेफ्ट फ्रंट सरकार, कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम ग्रुप्स द्वारा हिंदू और ईसाई लड़कियों के खिलाफ तुष्टीकरण, धर्म परिवर्तन और सिस्टमैटिक क्राइम की घटनाएं सालों से जारी हैं।
उन्होंने आगे कहा कि न केवल हिंदू लड़कियों, बल्कि ईसाई लड़कियों को भी गलत सोच वाले ग्रुप्स ने टारगेट किया है, जो कथित तौर पर ऑर्गनाइज्ड तरीके से काम कर रहे हैं और कथित तौर पर विदेशी फंडिंग ले रहे हैं, जिससे राज्य में अव्यवस्था फैल रही है।
मूवी का ट्रेलर आने के बाद सीएम पिनाराई विजयन ने फिल्म को झूठा प्रचार बताया है। वहीं जीवविज्ञानी श्रीदेव नंबूदरी ने फिल्म के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। इस याचिका में फिल्म की रिलीज को चुनौती दी गई थी, जिसके चलते केरल उच्च न्यायालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) और फिल्म के निर्माता को नोटिस जारी किया है।
Published on:
20 Feb 2026 11:14 am
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