
OTT VS DTH
OTT Vs DTH: देश में लोग अब डिजिटल कंटेंट (OTT) को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे डायरेक्ट-टू-होम (DTH) उद्योग की कमाई घटने लगी है। चार प्रमुख DTH ऑपरेटर्स का संयुक्त राजस्व, जो वित्त वर्ष 2022 में 12,284 करोड़ रुपए था, वित्त वर्ष 2023 में 11,072 करोड़ रुपए रह गया।
मौजूदा रुझान के आधार पर क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स के निदेशक (रिसर्च) पूषण शर्मा ने आसार जताए हैं कि डीटीएच ऑपरेटर और ओवर द टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म के बीच राजस्व अंतर अगले दो-तीन साल में और बढ़ जाएगा। डिश टीवी के कार्यकारी निदेशक मनोज डोभाल का कहना है कि पहले लोग मुख्य रूप से डीटीएच सेवाओं के जरिए टीवी देखते थे। वैश्विक महामारी कोविड-19 से पहले हाइब्रिड मॉडल (OTTजैसी स्ट्रीमिंग सेवाएं) लोकप्रिय होने लगे थे। महामारी के बाद इसमें और तेजी आई। ओटीटी प्लेटफॉर्मों की मूल्य निर्धारण रणनीति उपभोक्ताओं के डीटीएच ऑपरेटरों से दूर जाने का बड़ा कारण साबित हो रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अब लोग बजट के हिसाब से कंटेंट देखते हैं। टीवी खरीदने वालों की संख्या बढ़ी है, लेकिन टीवी देखने के घंटों में कमी आई है। इससे डीटीएच कंपनियों का राजस्व और ग्राहकों की संख्या प्रभावित हुई है। ग्राहक डीटीएच सेवाओं से पूरी तरह दूर नहीं हुए हैं। अब भी डीटीएच की सेवाएं ली जा रही हैं, लेकिन दर्शकों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) की परफॉर्मेंस इंडिकेटर रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2021 में डीटीएच के करीब सात करोड़ ग्राहक थे, जो इस साल जून में घटकर 6.2 करोड़ रह गए। ऐसे ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है, जो उच्च गुणवत्ता वाले विविध कंटेंट की चाह रखते हैं। इसके कारण ओटीटी बाजार में अगले दो-तीन साल में सालाना 10 से 12 फीसदी बढ़ोतरी के आसार हैं।
Published on:
29 Oct 2024 03:09 pm
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