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TMC Manifesto: सबको पक्का मकान, युवाओं को 40 साल तक ₹1500, महिलाओं को ₹1700…चुनाव से पहले ममता दीदी ने खोला पिटारा

Trinamool Congress Manifesto: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 10 सूत्रीय घोषणापत्र जारी कर दिया है।

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भारत

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Saurabh Mall

Mar 20, 2026

TMC

तृणमूल कांग्रेस ने जारी किया 10 सूत्रीय घोषणापत्र (इमेज सोर्स: ANI एक्स)

West Bengal Elections: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया है। चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में चुनाव 2 चरणों- 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। बता दें पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं।

10 सूत्रीय घोषणापत्र: यहां देखें टेबल...

क्रम संख्यायोजना / वादाविवरण
1लक्ष्मी भंडार योजनासामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1500 और आरक्षित वर्ग की महिलाओं को ₹1700 प्रति माह
2बांग्लार युवा साथी21–40 वर्ष के माध्यमिक पास युवाओं को नौकरी मिलने तक ₹1500 मासिक सहायता
3पक्का मकानहर परिवार को पक्का घर देने का वादा
4कृषि बजट₹30,000 करोड़ का बजट, किसानों और भूमिहीन परिवारों के लिए विशेष पैकेज
5प्रशासनिक सुधार7 नए जिलों का गठन और शहरी निकायों का विस्तार
6वरिष्ठ नागरिक योजनापेंशन योजनाओं को जारी रखने और दायरा बढ़ाने का वादा
7जल आपूर्तिहर घर तक पाइपलाइन से पीने का पानी पहुंचाने की योजना
8बुनियादी ढांचाबंदरगाह, सड़क और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का विकास
9स्वास्थ्य सेवाएंब्लॉक और नगर स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
10शिक्षा सुधारसरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का आश्वासन

घोषणापत्र में सबसे पहला वादा महिलाओं के लिए ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना से जुड़ा है। पार्टी ने सत्ता में वापसी होने पर सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये और आरक्षित वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये प्रतिमाह देने का आश्वासन दिया है।

युवाओं के लिए ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना के तहत माध्यमिक परीक्षा पास 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को नौकरी मिलने तक 1,500 रुपये मासिक सहायता देने का वादा किया गया है।

टीएमसी ने हर परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने का भी वादा किया है। साथ ही 30,000 करोड़ रुपये के कृषि बजट का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें किसानों और भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए विशेष पैकेज शामिल होगा।

घोषणापत्र में राज्य के भौगोलिक पुनर्गठन का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिसके तहत सात नए जिलों के गठन और शहरी निकायों के विस्तार की बात कही गई है, ताकि नागरिक सुविधाओं में सुधार हो सके।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा पेंशन योजनाओं को जारी रखने और दायरा बढ़ाने का वादा किया गया है। इसके अलावा हर घर तक पाइपलाइन के जरिए पीने का पानी पहुंचाने की योजना भी शामिल है।

राज्य को पूर्वी भारत का व्यापारिक केंद्र बनाने के लिए बंदरगाह, सड़क और आधुनिक वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसे बुनियादी ढांचे के विकास का भी वादा किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं को ब्लॉक और नगर स्तर तक पहुंचाने तथा शिक्षा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का भी आश्वासन दिया गया है।

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर लगाया आरोप

घोषणापत्र जारी करने के बाद ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी (Bharatiya Janata Party) चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके राज्य में अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहती है।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें डर है कि चुनाव के बाद कुछ लोगों की नागरिकता छीनी जा सकती है और उन्हें देश से बाहर करने की कोशिश हो सकती है।

ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें अपनी चिंता नहीं है, बल्कि लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की चिंता है। इसी वजह से वह केंद्र सरकार की इस कथित नीति के खिलाफ लड़ रही हैं और लगातार चुनाव आयोग को पत्र लिख रही हैं।