
तृणमूल कांग्रेस ने जारी किया 10 सूत्रीय घोषणापत्र (इमेज सोर्स: ANI एक्स)
West Bengal Elections: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया है। चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में चुनाव 2 चरणों- 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। बता दें पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं।
| क्रम संख्या | योजना / वादा | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | लक्ष्मी भंडार योजना | सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1500 और आरक्षित वर्ग की महिलाओं को ₹1700 प्रति माह |
| 2 | बांग्लार युवा साथी | 21–40 वर्ष के माध्यमिक पास युवाओं को नौकरी मिलने तक ₹1500 मासिक सहायता |
| 3 | पक्का मकान | हर परिवार को पक्का घर देने का वादा |
| 4 | कृषि बजट | ₹30,000 करोड़ का बजट, किसानों और भूमिहीन परिवारों के लिए विशेष पैकेज |
| 5 | प्रशासनिक सुधार | 7 नए जिलों का गठन और शहरी निकायों का विस्तार |
| 6 | वरिष्ठ नागरिक योजना | पेंशन योजनाओं को जारी रखने और दायरा बढ़ाने का वादा |
| 7 | जल आपूर्ति | हर घर तक पाइपलाइन से पीने का पानी पहुंचाने की योजना |
| 8 | बुनियादी ढांचा | बंदरगाह, सड़क और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का विकास |
| 9 | स्वास्थ्य सेवाएं | ब्लॉक और नगर स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार |
| 10 | शिक्षा सुधार | सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का आश्वासन |
घोषणापत्र में सबसे पहला वादा महिलाओं के लिए ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना से जुड़ा है। पार्टी ने सत्ता में वापसी होने पर सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये और आरक्षित वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये प्रतिमाह देने का आश्वासन दिया है।
युवाओं के लिए ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना के तहत माध्यमिक परीक्षा पास 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को नौकरी मिलने तक 1,500 रुपये मासिक सहायता देने का वादा किया गया है।
टीएमसी ने हर परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने का भी वादा किया है। साथ ही 30,000 करोड़ रुपये के कृषि बजट का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें किसानों और भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए विशेष पैकेज शामिल होगा।
घोषणापत्र में राज्य के भौगोलिक पुनर्गठन का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिसके तहत सात नए जिलों के गठन और शहरी निकायों के विस्तार की बात कही गई है, ताकि नागरिक सुविधाओं में सुधार हो सके।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा पेंशन योजनाओं को जारी रखने और दायरा बढ़ाने का वादा किया गया है। इसके अलावा हर घर तक पाइपलाइन के जरिए पीने का पानी पहुंचाने की योजना भी शामिल है।
राज्य को पूर्वी भारत का व्यापारिक केंद्र बनाने के लिए बंदरगाह, सड़क और आधुनिक वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसे बुनियादी ढांचे के विकास का भी वादा किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को ब्लॉक और नगर स्तर तक पहुंचाने तथा शिक्षा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का भी आश्वासन दिया गया है।
घोषणापत्र जारी करने के बाद ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी (Bharatiya Janata Party) चुनाव आयोग का इस्तेमाल करके राज्य में अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहती है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें डर है कि चुनाव के बाद कुछ लोगों की नागरिकता छीनी जा सकती है और उन्हें देश से बाहर करने की कोशिश हो सकती है।
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें अपनी चिंता नहीं है, बल्कि लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की चिंता है। इसी वजह से वह केंद्र सरकार की इस कथित नीति के खिलाफ लड़ रही हैं और लगातार चुनाव आयोग को पत्र लिख रही हैं।
Published on:
20 Mar 2026 09:12 pm
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