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मोदी, योगी और भागवत का नाम लेने के लिए…मालेगांव ब्लास्ट केस में बरी हुई साध्वी प्रज्ञा ने किया बड़ा खुलासा

Malegaon Blast Case: प्रज्ञा ठाकुर ने आगे कहा कि मुझे अवैध रूप से एक अस्पताल में हिरासत में रखा गया। मैं अपनी कहानी में इन सब के बारे में बात करूंगी, सच्चाई सामने आएगी।

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भारत

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Ashib Khan

Aug 02, 2025

मुझे प्रताड़ित किया गया- साध्वी प्रज्ञा (Photo-iANS)

Malegaon Blast Case: महाराष्ट्र के मालेगांव ब्‍लास्‍ट मामले में NIA कोर्ट से बरी होने के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने बड़ा खुलासा किया है। बीजेपी की पूर्व सांसद ठाकुर ने वे नाम सौंपे हैं जिन्हें मालेगांव विस्फोट मामले की जांच के दौरान जबरदस्ती लेने के लिए मजबूर किया गया था। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि मुझ पर इतना अत्याचार किया गया कि उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।

नाम लेने के लिए किया प्रताड़ित

पूर्व बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि मुझे नाम लेने के लिए मजबूर किया गया। उनका उद्देश्य मुझे प्रताड़ित करना था, अगर आप उन नामों को लेते हैं, तो हम आपको प्रताड़ित नहीं करेंगे, मुझसे यह कहा गया था। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि जांच के दौरान उन्हें योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत का नाम लेने के लिए मजबूर किया गया। 

‘नरेंद्र मोदी का नाम लेने के लिए कहा’

प्रज्ञा ठाकुर ने आगे कहा कि मुझे अवैध रूप से एक अस्पताल में हिरासत में रखा गया। मैं अपनी कहानी में इन सब के बारे में बात करूंगी, सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि चूंकि वह गुजरात में रह रही थीं, इसलिए उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेने के लिए भी कहा गया था, लेकिन उन्होंने कोई नाम नहीं लिया।

कोर्ट के फैसले पर दी प्रतिक्रिया

NIA कोर्ट के फैसले पर साध्वी प्रज्ञा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला भगवा, सनातन और राष्ट्र की जीत का प्रतीक है। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा मुझे बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन मैं भविष्य में भी देश के लिए हर संभव प्रयास करती रहूंगी।

कोर्ट ने 7 आरोपियों को किया बरी

बता दें कि NIA कोर्ट ने मालेगांव विस्फोट मामले में सात आरोपियों को बरी कर दिया। दरअसल, कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष मामले को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। एनआईए की विशेष अदालत ने कहा आरोपियों के सभी ज़मानत बांड रद्द किए जाते हैं और ज़मानतदारों को मुक्त किया जाता है।