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Transgender पहचान नियम होंगे सख्त, मेडिकल बोर्ड की सिफारिश के बाद ही मिलेगा प्रमाण पत्र

केंद्र सरकार ने ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में पेश किया। नए प्रावधानों के तहत ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण पत्र के लिए मेडिकल बोर्ड की सिफारिश अनिवार्य होगी। जिला मजिस्ट्रेट जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी करेंगे। जेंडर परिवर्तन और गंभीर अपराधों पर सख्त सजा का भी प्रावधान किया गया है।

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भारत

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Anurag Animesh

Mar 14, 2026

Transgender Identity Rules India

Transgender Identity Rules India(AI Image-ChatGpt)

Transgender Identity Rules India: केंद्र सरकार ने ट्रांसजेंडर की पहचान और जेंडर बदलाव से जुड़े नियमों को और सख्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। लोकसभा में पेश ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन विधेयक, 2026 में पहचान की प्रक्रिया में मेडिकल बोर्ड की भूमिका अनिवार्य करने और परिभाषा को अधिक सीमित व स्पष्ट करने का प्रस्ताव किया गया है। सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने विधेयक को लोकसभा में पेश किया। नए प्रावधानों में ट्रांसजेंडर व्यक्ति की पहचान का प्रमाण पत्र जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी करने का प्रस्ताव किया गया है। इस प्रमाण पत्र से पहले मेडिकल बोर्ड की सिफारिश जरूरी होगी। यह बोर्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी या उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में गठित किया जाएगा।

Transgender Identity: पहचान की प्रक्रिया होगी सख्त


विधेयक के मुताबिक, ट्रांसजेंडर पहचान के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति के मामले में जिला मजिस्ट्रेट मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों की राय भी ले सकेंगे। इसके बाद ही पहचान प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

इसलिए लाया गया नया विधेयक


सरकार का तर्क है कि वर्तमान कानून में ट्रांसजेंडर की परिभाषा अस्पष्ट है। इससे असल लाभार्थियों की पहचान करना कठिन हो जाता है। अब परिभाषा को स्पष्ट कर उन लोगों पर फोकस किया गया है जो जैविक कारणों से सामाजिक भेदभाव का सामना करते हैं।

जेंडर बदलने पर भी नई व्यवस्था


यदि कोई व्यक्ति सर्जरी के जरिए अपना जेंडर बदलता है तो संबंधित मेडिकल संस्थान को इसकी जानकारी जिला मजिस्ट्रेट और मेडिकल प्राधिकरण को देनी होगी। इसके बाद व्यक्ति को आवेदन के साथ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट या मुख्य चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण पत्र देना होगा, जिसके आधार पर जिला मजिस्ट्रेट जेंडर परिवर्तन का प्रमाण पत्र जारी करेंगे। पहचान प्रमाण पत्र मिलने के बाद व्यक्ति अपने जन्म प्रमाण पत्र और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में पहला नाम बदलने का अधिकार भी प्राप्त करेगा।

गंभीर अपराधों पर कड़ी सजा


किसी व्यक्ति को जबरन ट्रांसजेंडर पहचान अपनाने के लिए मजबूर करने, अपहरण कर शारीरिक नुकसान पहुंचाने या बच्चों को इस तरह के कृत्यों में धकेलने पर 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है।