
Trees in Himalayan region
पर्यावरण के लिए पेड़ बहुत ही ज़रूरी है और इसी वजह से ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाने की सलाह दी जाती है। लेकिन दुनियाभर में कई जगह पेड़ों की संख्या में गिरावट देखने को मिल रही है। भारत का हिमालयी क्षेत्र भी इसमें शामिल है, जहाँ के संवेदनशील इलाकों में पेड़ों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। केंद्र सरकार ने बताया कि पिछले दो वर्षों में हिमालयी क्षेत्र पेड़ों की संख्या लगभग 2.27% घटी है।
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2023 के अनुसार ट्री कवर 2021 में 15,427.11 वर्ग किलोमीटर था, जो 2023 में घटकर 15,075.5 वर्ग किलोमीटर रह गया।
एक्सपर्ट्स के अनुसार पेड़ों की संख्या कम होने से न केवल वन्यजीवों के आवास प्रभावित होंगे बल्कि ढलानों की स्थिरता, बारिश के पैटर्न और पानी की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है। इससे प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ेगा।
हिमालयी वनों की कार्बन सोखने की क्षमता का भी रिपोर्ट में जिक्र किया गया। रिपोर्ट के अनुसार 2023 में इस क्षेत्र के जंगलों में कुल कार्बन स्टॉक लगभग 3,273.10 मिलियन टन आंकी गई थी, जो 2021 में दर्ज 3,272.68 मिलियन टन से थोड़ी ही ज़्यादा है। अगर ट्री कवर घटता रहा तो जंगलों की दीर्घकालिक कार्बन सिंक के रूप में क्षमता कमजोर हो सकती है।
Updated on:
15 Mar 2026 08:41 am
Published on:
15 Mar 2026 08:40 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
