
India's first Hydrogen Train trial begins
भारतीय रेलवे (Indian Railway) के इतिहास में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। देश की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन (Hydrogen Train) का ट्रायल रन शुरू हो चुका है। चेन्नई (Chennai) के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) में निर्मित यह ट्रेन हरियाली और स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नॉर्दर्न रेलवे ने पुष्टि की है कि रिसर्च डिज़ाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) जिंद-सोनीपत खंड पर इस ट्रेन का परीक्षण कर रहा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने कहा है कि सफल परीक्षण के बाद यह ट्रेन जल्द ही लॉन्च होगी। जिंद में बना हाइड्रोजन प्लांट प्रतिदिन लगभग 420 किलोग्राम ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन कर रहा है, जिसे इस ट्रेन में ईंधन की तरह इस्तेमाल किया जाएगा।
जर्मनी (Germany) ने 2018 में दुनिया की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू की थी, जिसके बाद चीन (China), स्वीडन (Sweden) और अमेरिका (United States Of America) ने भी इस तकनीक को अपनाया। भारत (India) अब इस एलीट क्लब में शामिल होने जा रहा है। रेल मंत्री ने बताया कि दुनिया में केवल चार देश ऐसे इंजन बनाते हैं जो 500 से 600 हॉर्सपावर के होते हैं, जबकि भारतीय रेलवे ने स्वदेशी तकनीक से 1200 हॉर्सपावर का इंजन बनाया है।
'हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज' पहल के तहत ऐसी 35 ट्रेनों का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना भारत को 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
■ 100% मेड इन इंडिया, चेन्नई आइसीएफ में निर्मित।
■ विश्व की सबसे शक्तिशाली - 2400 किलोवॉट क्षमता।
■ ब्रॉड गेज पर सबसे लंबी - 10 कोच (2 पावर कार, 8 यात्री कोच)।
■ शून्य कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन, केवल जल वाष्प।
■ 2,638 यात्रियों की क्षमता।
■ अधिकतम गति 110 किमी/घंटा।
Updated on:
09 Jan 2026 09:19 am
Published on:
09 Jan 2026 07:28 am
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