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अब मिलावटखोरों की खैर नहीं! ‘इलेक्ट्रॉनिक जीभ और नाक’ से होगी लड्डू सामग्री की जांच, तिरुमला में लगी करोड़ों की हाई-टेक लैब

TTD High-Tech Food Lab Tirupati: श्री वेंकटेश्वर मंदिर में लड्डू प्रसाद में मिलावट के आरोपों को लेकर चल रहे विवाद के बीच, आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री वाई सत्य कुमार यादव ने कहा है कि मंदिर में अत्याधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला शुरू होने जा रही है।

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Tirumala Laddu Controversy Ghee Test: देश के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर में लड्डू प्रसाद में मिलावट का मामला सामने के बाद अब वेंकटेश्वर मंदिर में प्रसाद की सामग्री जांच के लिए अत्याधुनिक खाद्य प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है। इसके बारे में जानकारी देते हुए आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री वाई सत्य कुमार यादव ने कहा कि तिरुपति जिले के तिरुमाला में बन रही आत्याधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला अगले महीने से काम करना शुरू कर देगी। खाद्य मंत्री ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान यह बयान दिया।

25 करोड़ किए गए थे स्वीकृत

आंध्र प्रदेश सरकार और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के बीच अक्टूबर 2024 में हस्ताक्षरित एक समझौते के बाद इस प्रयोगशाला का निर्माण हो रहा है। इस परियोजना के लिए लगभग 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे।

इलेक्ट्रॉनिक जीभ और इलेक्ट्रॉनिक नाक से होगी जांच

इस प्रयोगशाला में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों की जांच के लिए अत्याधुनिक उपकरण होंगे, लेकिन मुख्य उपकरण 'इलेक्ट्रॉनिक जीभ' और 'इलेक्ट्रॉनिक नाक' होंगे, जिन्हें फ्रांस से 35 लाख रुपये की लागत से आयात किया जा रहा है। यादव ने बताया कि यह उपकरण घी की शुद्धता, स्वाद, गंध और बनावट में होने वाले सूक्ष्म बदलावों का भी पता लगा सकता है। यह प्रसिद्ध लड्डू और अन्य प्रसाद बनाने में इस्तेमाल होने वाले घी की गुणवत्ता को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने के प्रयासों का हिस्सा है।

90% काम पूरा, अगले महीने से होगी शुरू

प्रयोगशाला में कच्चे माल की ताजगी का पता लगाने वाले सेंसर और माइक्रोबायोलॉजी परीक्षकों सहित दर्जनों अन्य उपकरण भी स्थापित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रयोगशाला में परीक्षण से यह सुनिश्चित होगा कि भक्तों को परोसे जाने वाले लड्डू और प्रसाद उच्चतम गुणवत्ता के हों। लगभग 90% काम पूरा हो चुका है और अगले महीने से परिचालन शुरू हो सकता है।

60 से अधिक कच्ची सामग्रियों की होगी जांच

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (मंदिर का संचालन करने वाली संस्था) की मौजूदा जल एवं खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला की तरह ही, यह नई प्रयोगशाला लड्डू और अन्य प्रसाद तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली 60 से अधिक प्रकार की कच्ची सामग्रियों की जांच करेगी, जिनमें घी, काजू, इलायची, चीनी, बादाम, जीरा, पानी, सूखे मेवे, चावल, किशमिश, चना आदि शामिल हैं। इस प्रयोगशाला में धातु संदूषण, कीटनाशक अवशेष आदि का पता लगाने वाले उन्नत उपकरण भी स्थापित किए जा रहे हैं।

40 लोगों की टीम करेगी प्रयोगशाला का संचालन

टीटीडी ने पुराने आटा मिल परिसर को जीर्णोद्धार के बाद प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए 12,000 वर्ग फुट का स्थान आवंटित किया था। टीटीडी के मौजूदा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और राज्य स्वास्थ्य विभाग के सदस्यों सहित 40 लोगों की एक टीम इस प्रयोगशाला का संचालन करेगी।

मिलावटी घी के इस्तेमाल पर हुआ था विवाद

पिछले जुलाई में, लड्डू बनाने में मिलावटी घी के इस्तेमाल के गंभीर आरोपों के बीच, टीटीडी ने तिरुमाला में एक नई खाद्य गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की थी, जिसका उद्घाटन अध्यक्ष बीआर नायडू ने किया था। गुजरात के राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) ने 75 लाख रुपये के उपकरण दान किए थे। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी उपकरण नई प्रयोगशाला में एकीकृत किए जाएंगे और प्रयोगशाला के कुछ कर्मचारियों को मैसूर स्थित सीएफटीआरआई में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।