
Phalodi Satta Bazar: दिल्ली विधानसभा चुनाव के मतदान की तारीख के करीब आते ही, राजस्थान के फलौदी सट्टा बाजार में गहमागहमी तेज हो गई है। 5 फरवरी को मतदान होने और 8 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाने वाले इस चुनाव को लेकर इस बाजार में हलचल मच गई है। फलौदी सट्टा बाजार अपने चुनावी पूर्वानुमानों के लिए मशहूर है, और इसने पहले ही आम आदमी पार्टी (आप) को आगामी चुनावों में प्रमुख दावेदार के रूप में चिन्हित कर लिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इसका मुख्य प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है, जबकि कांग्रेस पार्टी, कम से कम सट्टा बाजार के अनुमानों के अनुसार, इस चुनावी मुकाबले से बाहर होती हुई नजर आ रही है।
1 फरवरी को फलौदी सट्टा बाजार ने एक नया पूर्वानुमान जारी किया, जिसमें कहा गया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना है। इस अनुमान के अनुसार, पार्टी को 37 से 39 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं, जिनमें से बहुमत के लिए 36 सीटों की आवश्यकता होती है। इस आंकड़े से आप की संभावित जीत की संभावना मजबूत होती दिख रही है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 31 से 33 सीटों के बीच स्थान मिलने की संभावना जताई गई है।
फलौदी सट्टा बाजार द्वारा की गई यह भविष्यवाणी, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में आम आदमी पार्टी की संभावित जीत को लेकर चर्चा का विषय बन गई है। यह पूर्वानुमान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि आम आदमी पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के लक्ष्य से चुनावी मैदान में उतरी है। हालांकि पिछले दो चुनावों से आप क्लिन स्वीप वाली स्थीति में रही है लेकिन इस बार चुनौती बड़ी है। पिछले चुनाव में पार्टी ने 70 में से 62 सीटें जीती थीं, और अब 2025 के चुनाव में हैट्रिक की उम्मीद के साथ अपनी ताकत को झोंकने की तैयारी में है। पार्टी ने पहले ही सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह चुनावी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
फलौदी सट्टा बाजार की यह भविष्यवाणी राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा चुकी है। यह बाजार के अनुमानों पर गहरी नजर रखी जा रही है, क्योंकि इसके ऐतिहासिक रिकॉर्ड को लेकर अक्सर कहा जाता है कि ये पूर्वानुमान सटीक होते हैं और इनका समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है। हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि ये भविष्यवाणियाँ सट्टेबाजी के बाजारों से आती हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य किसी भी रूप में जुए को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि राजनीतिक घटनाओं के संभावित परिणामों की दिशा में सूचनाओं का आदान-प्रदान करना होता है।
Updated on:
04 Feb 2025 07:39 am
Published on:
03 Feb 2025 08:49 am
