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अरविंद केजरीवाल व हिमंत बिस्वा सरमा के बीच तीसरे दिन भी ट्विटर वॉर, केजरीवाल ने फिर पूछा- ‘कब आऊं असम’

Arvind Kejriwal vs Himanta Biswa Sarma: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बीच छिड़ा ट्विटर वॉर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज लगातार तीसरे दिन दोनों नेताओं के बीच ट्विटर पर आरोप-प्रत्यारोप और तंज और छींटाकशी देखने को मिली।  

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Twitter War Between Arvind kejriwal and Himanta Biswa Sarma on Education System

Arvind Kejriwal vs Himanta Biswa Sarma: देश के दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बीते तीन दिनों से ट्विटर वॉर छिड़ा है। सोशल मीडिया पर दोनों नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप और तंज कसते नजर आ रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच यह छींटाकशी शिक्षा व्यवस्था को लेकर है। सोशल मीडिया के यूजर भी इन दोनों नेताओं के बीच छिड़े आभाषी जंग का पूरा आनंद उठा रहे हैं। दरअसल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बीच छिड़ा ट्विटर वॉर आज लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।

दोनों नेताओं के बीच छिड़े इस ट्विटर वॉर की शुरुआत शुक्रवार को हुई थी। जब अरविंद केजरीवाल ने असम सरकार के 34 सरकारी स्कूलों को बंद करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा था कि स्कूलों को बंद करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। केजरीवाल के इस सवाल पर असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने असम में खोले गए नए स्कूलों का डाटा साझा करते हुए दिल्ली में बीते सात साल में खोले गए नए स्कूलों के बारे में जानकारी मांगी थी। जिसके बाद दोनों नेताओं में यह आभाषी जंग छिड़ गया।


इसी ट्विटर वॉर में आज असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने अरविंद केजरीवाल को टैग करते हुए लिखा कि आप दिल्ली को लंदन और पेरिस जैसा बनाने के वादे के साथ सत्ता में आए थे, याद है न केजरीवाल जी? कुछ नहीं कर पाए तो दिल्ली की तुलना असम व नॉर्थईस्ट के छोटे शहरों से करने लगे! यकीन मानिए, दिल्ली जैसा शहर व संसाधन BJP को मिले, तो पार्टी उसे विश्व का सबसे समृद्ध शहर बनाएगी।


हिमंता बिस्वा सरमा के इस ट्ववीट का जवाब देते हुए अरविंद केजरीवाल ने ट्विट किया, आपने मेरे प्रश्न का जवाब नहीं दिया -“ आपके सरकारी स्कूल देखने कब आऊँ?” अगर स्कूल अच्छे नहीं हैं तो कोई बात नहीं। मिल के ठीक करेंगे ना।" इससे पहले शनिवार को भी केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि ‘हमारे यहां कहावत है। कोई पूछे ‘मैं कब आऊं’ और आप कहें ‘कभी भी आ जाओ’ इसका मतलब होता है ‘कभी मत आओ’। मैंने आपसे पूछा ‘आपके सरकारी स्कूल देखने कब आऊं’ आपने बताया ही नहीं। बताइए कब आऊं, तभी आ जाऊंगा।’


दूसरी ओर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अरविंद केजरीवाल को टैग कर ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि आप बिना कोई होमवर्क किए कमेंट करते हैं। उन्होंने बतया था जब से मैंने शिक्षा मंत्री का पदभार संभाला है तब से असम में 8610 नए स्कूल खोले गए। उन्होंने केजरीवाल से यह पूछा था कि बीते सात साल में दिल्ली में कितने नए स्कूल खोले गए।


अरविंद केजरीवाल ने हिमंता बिस्वा सरमा के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा कि अरे। लगता है आप बुरा मान गए। मेरा मक़सद आपकी कमियाँ निकालने का नहीं था। हम सब एक देश हैं। हमें एक दूसरे से सीखना है। तभी तो भारत नम्बर वन देश बनेगा। मैं आता हूँ ना असम। बताइए कब आऊँ? आप शिक्षा के क्षेत्र में अपने अच्छे काम दिखाना। आप दिल्ली आइये, मैं आपको दिल्ली के काम दिखाता हूँ


बता दें कि गुवाहाटी में 16 सरकारी स्कूलों को बंद करने के बाद अब राज्य सरकार ने राज्य के 34 और स्कूलों को बंद करने का नोटिस जारी किया है। असम सरकार की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का रिजल्ट बेहद खराब आया है इसलिए इसे बंद किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस 34 स्कूलों में से एक भी छात्र 2022 हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट परीक्षा में पास नहीं हुआ था।

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असम सीएम हिमंता बिस्बा सरमा ने ट्वीट किया था कि ‘प्रिय केजरीवाल जी, आपकी अज्ञानता दुखी करने वाली है। मैं आपकी मदद करता हूं. असम दिल्ली से 50 गुना बड़ा है। हमारे 44,521 स्कूलों में 65 लाख छात्र पढ़ते हैं और आपके यहां एक हजार से कुछ ही ज्यादा स्कूल हैं। हमारे यहां दो लाख से अधिक समर्पित शिक्षकों की फौज है और 1.18 लाख मध्याह्न भोजन के कर्मचारी हैं।’


एक अन्य ट्वीट में शर्मा ने कहा था, ‘और सुनिए जब आप असम में होंगे तो मैं आपको हमारे मेडिकल कॉलेजों में ले जाऊंगा जो आपके मोहल्ला क्लीनिक से एक हजार गुना बेहतर हैं। आप हमारे प्रतिभाशाली सरकारी स्कूल के शिक्षकों और छात्रों से भी मुलाकात करिएगा।’ उन्होंने कहा, ‘और हां, आप देश को नंबर एक बनाने की चिंता छोड़ दें, वह मोदी जी कर रहे हैं।’

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