
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे। उद्धव गुट के 6 बागी सांसद के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए। (इमेज सोर्स: पीटीआई)
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के छह लोकसभा सांसद अब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं।
मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने सभी सांसदों का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि शिवसेना के पास अब कई ‘संजय’ हो गए हैं। ‘ट्रिपल संजय’ की नई तिकड़ी भी बन गई है।
शामिल होने वाले सांसदों में संजय जाधव, संजय पाटिल, संजय देशमुख, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और नागेश पाटिल अष्टीकर हैं।
बता दें उद्धव ठाकरे गुट के पास नौ लोकसभा सांसद थे। लेकिन अब 6 एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। यानी कि अब उद्धव के पास केवल 3 सांसद बचे हैं। इनमें बचे सांसद अनिल देसाई (मुंबई दक्षिण मध्य), अरविंद सावंत (मुंबई दक्षिण) और राजभाऊ वाजे (नासिक) हैं। जबकि शिंदे गुट की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है।
पिछले दिनों दिल्ली में शिवसेना (यूबीटी) के संसदीय दल की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में पार्टी के 9 में से 6 सांसद शामिल नहीं हुए। इसके बाद पार्टी में बड़ी फूट की चर्चा शुरू हो गई। दरार साफ दिख रहा था। कुछ ही समय बाद ये अटकलें सच साबित हुईं। छह सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजा। उन्होंने खुद को अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की। चूंकि 9 में से 6 सांसद उनके साथ थे, इसलिए वे दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से बच गए। कानून के अनुसार इसके लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी होता है।
बागी सांसद नागेश आष्टीकर और ओमराजे निम्बालकर ने कहा कि विपक्ष में रहने से उनके क्षेत्रों का विकास प्रभावित हुआ। उनका कहना है कि पिछले दो साल में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धन नहीं मिल पाया। इससे जनता के बीच उनकी पकड़ भी कमजोर हुई।
नागेश आष्टीकर ने फेसबुक लाइव में कहा कि उनके मन में उद्धव ठाकरे के लिए कोई नाराजगी नहीं है। लेकिन उन्होंने संजय राउत समेत कुछ नेताओं के रवैये की आलोचना की। उनका कहना था कि बैठक में अनुपस्थित रहने के बाद उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।
ओमराजे निम्बालकर ने बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनकी मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से करवाई। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि उनके पिता पवनराजे निम्बालकर हत्याकांड से जुड़े मामले में सीबीआई अपील करेगी। वहीं, उद्धव ठाकरे ने नुकसान की भरपाई के लिए राज्यभर में जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने बागी सांसदों पर चुनाव के बाद स्वार्थ के लिए पार्टी छोड़ने का आरोप लगाया।
शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ही असली शिवसेना है। उनका दावा है कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने यूबीटी के सांसदों के शिंदे गुट में आने का स्वागत किया।
शायना ने कहा कि पहले 40 विधायक शिंदे के साथ आए थे। बाद में चुनाव में भी पार्टी को अच्छा समर्थन मिला। इससे जनता का भरोसा साबित हुआ। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा। कहा कि 2019 में कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाते समय बाला साहेब ठाकरे की विचारधारा का ध्यान नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि यूबीटी को सोचना चाहिए कि नेता और कार्यकर्ता पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं।
Updated on:
22 Jun 2026 06:31 pm
Published on:
22 Jun 2026 05:50 pm
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