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गर्मी का कहर, भारत में फसलों पर लू के खतरे पर यूएन ने चेताया

Heatwave In India: भारत में इस समय गर्मी कहर ढा रही है। ऐसे में यूएन ने फसलों पर लू के खतरे के बारे में चेताया है।

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भारत

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Tanay Mishra

Apr 24, 2026

Heatwave affecting crops in India

Heatwave affecting crops in India

यूएन के संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन और विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने अपनी एक रिपोर्ट में भारत में लू के खतरे के प्रति चेताया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत के कृषि क्षेत्र और चावल उत्पादन को इससे बड़ा झटका लग सकता है। सबसे ज़्यादा खतरा गंगा और सिंधु नदी घाटी के कृषि क्षेत्रों पर होने का अनुमान है। इसके कारण उत्पादन में 40%तक की कमी आने की आशंका जताई जा रही है।

फसलों पर ज़्यादा गर्मी के प्रभाव का विश्लेषण

इस रिपोर्ट में भारत के चावल और अन्य कृषि उत्पादों/फसलों के उत्पादन पर ज़्यादा गर्मी के प्रभाव का विश्लेषण किया गया है। 2022 में गर्मी और तापमान में असामान्य परिवर्तन के कारण फसलों, पशुधन और मुर्गी पालन को हुए नुकसान का भी इसमें ज़िक्र किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार बीते 50 वर्षों में दुनियाभर में बहुत ज़्यादा गर्मी पडऩे की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में भविष्य में खेती पर आधारित खाद्य प्रणालियों व पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा बढ़ गया है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन हीटवेव को असामान्य रूप से गर्म मौसम की लंबी अवधि के तौर पर परिभाषित करता है, जो कई दिनों से लेकर महीनों तक चल सकती है।

पशु और मछली पालन पर भी पड़ेगा असर

रिपोर्ट के अनुसार हीटवेव और लू के फसलों पर नुकसान के साथ ही पशुपालन और मछलीपालन पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान होने पर गाय, भैंस, बकरी, सुअर और मुर्गियों में हीट स्ट्रेस शुरू हो जाता है। इससे दूध उत्पादन घटता है। पशुओं की मृत्यु भी हो सकती है। पोल्ट्री सेक्टर पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है, जिससे काफी नुकसान होने की आशंका है।