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बंगाल और तमिलनाडु में महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ा, वोटिंग में 2% की भारी बढ़त

Silent Voters Impact on Elections: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान ने एक नया इतिहास रच दिया है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दोनों राज्यों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से कहीं अधिक रही है।

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Women Voter Turnout

Women Voter Turnout

Women Voter Turnout 2026: विधानसभा चुनावों के पहले चरण में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मतदाताओं ने इतिहास रच दिया। स्वतंत्र भारत के इतिहास में अब तक के सबसे उच्च मतदान प्रतिशत दर्ज किए गए। पश्चिम बंगाल के पहले चरण में मतदान प्रतिशत 91.78% पहुंच गया, जबकि तमिलनाडु में 84.69% मतदान हुआ। सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि दोनों राज्यों में महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ते हुए लगभग 2 प्रतिशत अधिक मतदान किया।

महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ा

चुनाव आयोग की प्रेस नोट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 92.69% रहा, जबकि पुरुषों का 90.92%। तमिलनाडु में महिलाओं ने 85.76% मतदान किया, जबकि पुरुषों का प्रतिशत 83.57% रहा। तीसरे लिंग के मतदाताओं में तमिलनाडु में 60.49% और पश्चिम बंगाल में 56.79% भागीदारी दर्ज की गई।

पहले चरण में 152 सीटों पर हुआ मतदान

पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें कुल 9.33 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से भारी संख्या ने हिस्सा लिया। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ। चुनाव आयोग ने इस उच्च मतदान को मतदाता जागरूकता अभियान, नई तकनीकी पहलों और मतदाता-अनुकूल सुविधाओं का नतीजा बताया।

महिला मतदाताओं की ऐतिहासिक भूमिका

महिलाओं की भागीदारी ने इस चुनाव को खास बना दिया। दोनों राज्यों में महिलाएं पुरुषों से आगे रहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह महिलाओं के बढ़ते राजनीतिक जागरूकता और स्थानीय मुद्दों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास पर उनके सक्रिय रुझान को दर्शाता है।

चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए कई कदम उठाए। उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें EVM बैलेट पेपर पर लगाई गईं, मतदाता सूचना पर्ची को आसानी से पढ़ने लायक बनाया गया। प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई ताकि प्रतीक्षा समय कम हो। दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर, स्वयंसेवक और विशेष वाहन उपलब्ध कराए गए। कुल 1,19,440 मतदान केंद्रों पर लगभग 6 लाख मतदान कर्मी तैनात थे। सभी केंद्रों पर 100% लाइव वेबकास्टिंग की गई।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

उच्च मतदान को लेकर राजनीतिक दलों में तीखी बहस छिड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे परिवर्तन का तूफान बताया और कहा कि महिलाओं व युवाओं ने TMC के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए विश्वास जताया कि मतगणना के बाद कमल खिलेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने TMC पर सिंडिकेट राज और भाईपो टैक्स का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर 'TMC के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सूरज डूब गया' लिखा। भाजपा नेता दिलीप घोष ने दावा किया कि पहले चरण में ही पार्टी 100 सीटें पार कर लेगी। TMC की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चौथे कार्यकाल के लिए प्रयासरत हैं, जबकि भाजपा 77 सीटों से आगे बढ़ने की कोशिश में है।

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मतदान को तमिलनाडु की रक्षा का प्रतीक बताया। टीवीके प्रमुख विजय ने बस सेवाओं की कमी का मुद्दा उठाया।

मतदान के दौरान कुछ जगहों पर तनाव देखा गया। मुर्शिदाबाद के नौदा क्षेत्र में crude bomb से जुड़ी घटना के बाद झड़प हुई। आसनसोल में भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर हमला हुआ। मालदा में EVM खराबी की शिकायत आई। हालांकि, चुनाव आयोग ने कुल मिलाकर मतदान को शांतिपूर्ण बताया। पश्चिम बंगाल की शेष 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। दोनों राज्यों में मतगणना 4 मई को होगी।