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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए NDA में BJP को मिलीं 27 सीटें, आनन-फानन में क्या बोले भाजपा के कद्दावर नेता?

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीट बंटवारा अंतिम रूप ले लिया गया है। एआईएडीएमके ने सोमवार को प्रमुख सहयोगी दलों के साथ औपचारिक घोषणा की, जिसमें भाजपा को 27, पीएमके को 18 और एएमएमके को 11 सीटें मिलीं।

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भाजपा का झंडा। (फाइल फोटो- पत्रिका)

आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया है। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने सोमवार को अपने प्रमुख सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा की।

हालांकि, एआईएडीएमके ने उन सीटों की संख्या की घोषणा नहीं की जिन पर वह चुनाव लड़ेगी, जिससे अब तक बड़ा सस्पेंस बरकरार है।

यह घोषणा केंद्रीय मंत्री और भाजपा के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल के अंतिम दौर की चर्चाओं की देखरेख के लिए चेन्नई पहुंचने के तुरंत बाद हुई।

किसको कितनी मिलीं सीटें?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गठबंधन के नेताओं ने बताया कि भाजपा 27 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं, पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) 18 सीटों पर और टीटीवी दिनाकरन के नेतृत्व वाली अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया कि आंतरिक विचार-विमर्श अभी भी जारी है, जिसमें नेता सहयोगियों को समायोजित करने और प्रमुख गढ़ों को बरकरार रखने के बीच संतुलन बनाने के इच्छुक हैं।

क्या बोले गोयल?

सीट बंटवारे की घोषणा के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा- हम सब एक परिवार हैं और हम चुनाव जीतने के लिए लड़ेंगे। हम 27 सीटों से बहुत संतुष्ट हैं। हम चुनावों में ज़बरदस्त जीत हासिल करेंगे, क्योंकि राज्य की जनता CM स्टालिन और DCM उदयनिधि स्टालिन से तंग आ चुकी है। उन्होंने राज्य की संस्कृति को ठेस पहुंचाई है। NDA राज्य में सरकार बनाएगी।

एनडीए में गतिरोध की स्थिति

बता दें कि पिछले कुछ दिनों में गठबंधन के भीतर बातचीत में गतिरोध आ गया था, खासकर भाजपा की 50 से अधिक सीटों की प्रारंभिक मांग को लेकर। इसमें चेन्नई के टी नगर जैसे हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल थे।

हालांकि, एआईएडीएमके ने कहा कि वह अपने मूल चुनावी आधार को कमजोर किए बिना सीमित संख्या से अधिक सीटों पर समझौता नहीं कर सकती।

गतिरोध के चलते एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी को पिछले सप्ताह नई दिल्ली जाना पड़ा, जहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

विवादों को किसी तरह से सुलझाया

सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता पीएमके के अंबुमणि रामदास और एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरन भी मतभेदों को सुलझाने के उद्देश्य से समानांतर विचार-विमर्श में शामिल हुए।

कांग्रेस गठबंधन में क्या चल रहा?

इस बीच, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) अपने गठबंधन बनाने के प्रयासों में लगी हुई है। पार्टी ने कांग्रेस के साथ 28 सीटों का बंटवारा तय कर लिया है और सीपीआई को पांच सीटें दी गई हैं।

धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन एकजुट मोर्चा पेश करने के प्रयास में सीपीएम और डीएमडीके सहित अन्य साझेदारों के साथ बातचीत जारी है।

हालांकि, सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने चेन्नई सहित 39 पसंदीदा निर्वाचन क्षेत्रों की सूची प्रस्तुत की है, जिससे डीएमके नेतृत्व के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।