24 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Paper Leak की जांच के लिए बनेगा Fast Track Courts, जानिए इनकी हकीकत

CJP Protest के बीच Paper Leak के मामलों की जांच के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Fast Track Courts बनाए जाने की घोषणा की है। इस समय किस राज्य में ऐसी कितनी अदालतें हैं और उन्होंने कितने मामले निपटाए हैं, जानिए।
2 min read
Google source verification
Sonam Wangchuk Ends Hunger Strike

NEET Paper Leak के विरोध में शुरू हुए आंदोलन के तहत अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने 26 दिन के बाद 23 जुलाई को अपना अनशन खत्म किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों की जांच के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े कानून बनाने की घोषणा की। (Photo-IANS)

NEET Paper Leak के खिलाफ और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पेपर लीक के मामलों के जल्द निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Special Court - FTSC) गठित किया जाएगा।

बता दें कि राज्य या केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें संबन्धित हाई कोर्ट के साथ मिल कर अपनी जरूरत और संसाधनों के हिसाब से फास्ट ट्रैक कोर्ट्स (FTCs) गठित करती हैं।

अक्तूबर 2019 में केंद्र सरकार ने इसके लिए अपनी ओर से एक योजना शुरू की। इसके तहत 1023 FTSCs गठित करने की बात कही थी। इनमें 389 POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) कोर्ट्स भी शामिल हैं। 31 मार्च, 2026 तक केंद्र ने 790 और फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें गठित करने की बात कही थी।

मतलब केंद्र ने अपनी योजना के तहत अक्तूबर 2019 से मार्च 2026 के बीच 1813 विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करनी की घोषणा की थी। लेकिन, यह लक्ष्य कितना पूरा हुआ, यह इस टेबल में देखा जा सकता है:

FTSC योजना के तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान स्वीकृत और कार्यरत फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों की राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार और वर्ष-वार संख्या

क्र. सं.राज्य/केंद्र शासित प्रदेशस्वीकृत 1023 FTSCवित्त वर्ष 2021-22 कार्यरत FTSC (ePOCSO सहित)वित्त वर्ष 2022-23 कार्यरत FTSC (ePOCSO सहित)स्वीकृत 790 FTSCवित्त वर्ष 2023-24 कार्यरत FTSC (ePOCSO सहित)वित्त वर्ष 2024-25 कार्यरत FTSC (ePOCSO सहित)वित्त वर्ष 2025-26 कार्यरत FTSC (ePOCSO सहित)
1अंडमान और निकोबार1001000
2आंध्र प्रदेश18111716161616
3अरुणाचल प्रदेश3000000
4असम27161717171717
5बिहार54454554464654
6चंडीगढ़1111111
7छत्तीसगढ़15151515151515
8दिल्ली16161616161616
9गोवा2111111
10गुजरात35353535353535
11हरियाणा16161618161618
12हिमाचल प्रदेश6666666
13जम्मू और कश्मीर4444444
14झारखंड222222022220
15कर्नाटक31243130313030
16केरल56285655555555
17मध्य प्रदेश67676767676767
18महाराष्ट्र13839383815437
19मणिपुर2222222
20मेघालय5555555
21मिजोरम3333333
22नागालैंड1111111
23ओडिशा45364544444444
24पुडुचेरी0001111
25पंजाब12121212121212
26राजस्थान45454545454545
27तमिलनाडु14141423141420
28तेलंगाना36333436363636
29त्रिपुरा3333333
30उत्तर प्रदेश218218218218218218218
31उत्तराखंड4447444
32पश्चिम बंगाल1230016368
कुल (Total)-1023722773790754745774

14वें वित्त आयोग ने देश में 2015-2020 के दौरान ही देश में 1800 फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की जरूरत बताई थी। इस लिहाज से इन अदलतों की संख्या आज कहीं ज्यादा होनी चाहिए। 31 दिसंबर, 2025 तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में काम कर रहे फास्ट ट्रैक अदालतों और उनके द्वारा निपटाए गए मामलों की संख्या आप इस टेबल में देख सकते हैं। ऊपर और नीचे दोनों ही टेबल में दी गई जानकारी केंद्र सरकार में कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने राज्य सभा में एक प्रश्न के उत्तर के रूप में सार्वजनिक की है।

31.12.2025 की स्थिति के अनुसार कार्यरत फास्ट ट्रैक अदालतों (FTCs) का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण

क्र. सं.राज्य / केंद्र शासित प्रदेश31.12.2025 तक कार्यरत FTCs2023 में कुल निपटारे2024 में कुल निपटारे2025 में कुल निपटारे
1आंध्र प्रदेश21238546013257
2अंडमान और निकोबार द्वीप समूह0000
3अरुणाचल प्रदेश0000
4असम16826573856346
5बिहार0000
6चंडीगढ़0000
7छत्तीसगढ़27378846355378
8दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव0000
9दिल्ली26168832764047
10गोवा477229011574
11गुजरात54478756254278
12हरियाणा6474358353
13हिमाचल प्रदेश3160212182
14जम्मू और कश्मीर883106203
15झारखंड39210725312442
16कर्नाटक0000
17केरल16000
18लद्दाख0000
19लक्षद्वीप0000
20मध्य प्रदेश0000
21महाराष्ट्र102164182133818293807
22मणिपुर61558994
23मेघालय0000
24मिजोरम2320393365
25नागालैंड0000
26ओडिशा0000
27पुडुचेरी102874
28पंजाब7291247151
29राजस्थान0000
30सिक्किम210147
31तमिलनाडु73252953476727734
32तेलंगाना0000
33त्रिपुरा2242224308
34उत्तर प्रदेश3731200766953274954136
35उत्तराखंड4386485343
36पश्चिम बंगाल88980872194225025
-कुल (TOTAL)880152119311748851330904

स्रोत: उच्च न्यायालयों द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों के अनुसार।

फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का मुख्य उद्देश्य मामले का निपटारा जल्दी करके इंसाफ में देरी को रोकना है, लेकिन 27 मार्च 2026 को लोक सभा में कानून मंत्री मेघवाल ने जो जानकारी दी, उसके मुताबिक POCSO और फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों में POCSO और रेप से जुड़े 2,44,479 मामले लंबित थे। देरी के कई कारणों में से एक बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी बताया गया।