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कई प्रदेश की सरकारों को नाना-नाती लगा रहे थे चूना, बिहार से UP पुलिस ने 7 को किया गिरफ्तार, करोड़ों का सामान बरामद

Crime News: नकली स्टाम्प पेपर को प्रिंट करके बिहार के सिवान जिले से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सप्लाई किया जाता था।

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Crime News: यूपी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक गिरोह जो बिहार के सीवान में जाली स्टांप छाप कर आसपास के कई राज्यों में सप्लाई करता था और बिहार-यूपी समेत कई प्रदेशों की सरकारों को चूना लगा रहा था, उसका शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की गोरखपुर पुलिस ने इसका भंडाफोड़ कर दिया। सीवान में बना कर यह गिरोह जाली स्टांप की छपाई कर यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में सप्लाई देता था। अब इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने दो सप्लायरों और पांच वेंडरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह स्टांप वेंडरों के जरिए से बड़े पैमाने पर जाली स्टांप इधर उधर कर रहा था। गिरोह ने अब तक कितने अरब का चूना लगाया है, पुलिस इसकी जांच कर रही है। इस गिरोह के पास से न्यायिक और गैर न्यायिक करीब 1,00,52,030 रुपये के जाली स्टांप और प्रिंटिंग से सम्बन्धित उपकरण मिले हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपी में से एक 84 साल का मोहम्मद कमरूद्दीन और दूसरा उसका नाती साहेबजादे है। दोनों बिहार के सीवान के मोफस्सिल के रहने वाले हैं। मोहम्मद कमरूद्दीन और साहेबजा ने जाली स्टांप का प्रिंटिंग प्रेस लगाया था। पूरा परिवार इस धंधे में लिप्त था इस बात का पता तब चला जब जांच के बाद पुलिस ने बताया कि कमरूद्दीन ने ससुर से जाली स्टांप की छपाई सीखी थी। उसके बाद बेटे और नाती को भी फर्जी स्टाम्प छापना सीखा दिया था।

पदाधिकारी ने क्या बताया

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि विशेष जांच दल ने दोनों सप्लायरों के अलावा गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर के पांच स्टांप वेंडर को गिरफ्तार किया है। एसएसपी ने बताया कि सबसे पहले गोरखपुर कचहरी में 50 हजार रुपये के जाली स्टांप पकड़े गए थे। इस लेकर 10 जनवरी 2024 को कैंट थाने में केस दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई की निगरानी में पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया। विशेष जांच दल ने 19 जनवरी को गोरखपुर के स्टांप वेंडर रविदत्त मिश्र को गिरफ्तार किया। उससे जब पूछताछ किया गया तो बाद में गिरोह को दबोचने में सफलता मिली।