
US President Donald Trump
USAID Funding in India: भारत के चुनावों में कथित अमेरिकी हस्तक्षेप को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है और इसकी जांच के आदेश दिए हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इस विवाद को 'बहुत परेशान करने वाला' बताया और कहा कि एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। उधर, राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) ने गुरुवार (भारत के अनुसार) को भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के नाम पर दी जाने वाली अमरीकी सहायता को 'किक बैक' करार दिया। हालांकि ट्रंप ने इसके बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।
इस बीच, इंडिया टुडे पत्रिका ने आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए दावा किया कि अमेरिकी विदेश सहायता वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2001 से 2024 के बीच, यूएस एड ने भारत को कुल 2.9 बिलियन डॉलर (25,112 करोड़ रुपए) वितरित किए हैं। यह सालाना औसतन 119 मिलियन डॉलर (1030.5 करोड़ रुपए) है। इस राशि का 1.3 बिलियन डॉलर (11,257 करोड़ रुपए) यानी 44.4 प्रतिशत भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार (2014-2024) के दौरान दिया गया था। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए (2004-2013) के दौरान, भारत को 1.2 बिलियन डॉलर (10,391 करोड़ रुपए) यानी 41.3 प्रतिशत अनुदान मिला।
इधर, कांग्रेस और भाजपा के मीडिया सेल शुक्रवार एक्टिव रहे और एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा। कांग्रेस की तरफ से मीडिया व प्रचार विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन खेड़ा ने मोर्चा संभाला तो भाजपा की ओर से प्रवक्ता गौरव भाटिया मैदान में उतरे। यहां तक कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी एक समारोह में इस मामले में चिंता जताई और कहा कि हमारी चुनाव प्रणाली की शुद्धता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
पवन खेड़ा (Pawan Kheda) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश में फंडिंग के लिए कानून हैं, जिनके तहत भाजपा से जुड़े एनजीओ भी फंड लेते हैं, लेकिन जानबूझकर सिर्फ कांग्रेस का नाम लेना गलत है। उन्होंने सवाल किया कि जब स्मृति ईरानी (Smriti Irani) यूएसएड की ब्रांड एंबेसडर थीं और सिलेंडर लेकर सड़कों पर प्रदर्शन करती थीं, तो क्या वो प्रदर्शन यूएसएड करवा रहा था? अन्ना हजारे ने दिल्ली में आंदोलन किया, हमारी सरकार यहां हारी, फिर वो अमरीका गए और रोड शो किया।
खेड़ा (Pawan Kheda) ने कहा कि आरएसएस-भाजपा (RSS-BJP) का भारत की चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने, हमारे लोकतंत्र में दखल देने और हमारे संविधान को अपवित्र करने का घिनौना रेकॉर्ड है। क्या यह सच नहीं है कि सीआइए ने 1966 में आरएसएस की गोहत्या विरोधी रैली के लिए बड़ी रकम मुहैया कराई थी? तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष के. कामराज की हत्या का प्रयास आरएसएस का काम था? एक अमरीकी जासूस जॉन डी. स्मिथ ने खुलासा किया कि सीआइए (CIA) ने पंडित जवाहरलाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) की कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए आरएसएस को कठपुतली के रूप में इस्तेमाल किया था।
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया (Gaurav Bhatia) ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब भारत विरोधी बन चुकी है। कांग्रेस के नेता अपनी बयानबाजी और कार्यों के जरिए देश की विकास और एकता के खिलाफ काम कर रहे हैं। गौरव भाटिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत एक स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्र है। किसी भी विदेशी संस्था को हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। यह तब और भी चिंताजनक हो जाता है जब संविधान को कायम रखने की शपथ लेने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं।
'हमने अमरीकी प्रशासन की ओर से यूएस एड की कुछ गतिविधियों और फंडिंग के बारे में दी गई जानकारी देखी है। ये स्पष्ट रूप से बहुत ही परेशान करने वाली हैं। इससे भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप को लेकर चिंताएं पैदा हुई हैं।' - रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
"हमें यह पता लगाना चाहिए कि वे कौन लोग हैं, जिन्होंने इस प्रकार के आक्रमण को स्वीकार किया। हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर इतना बड़ा कुठाराघात किया गया। उन ताकतों से मुकाबला करना हमारा राष्ट्रधर्म है। उन्हें चाणक्य की तरह जड़ों से खत्म करना होगा" - जगदीप धनखड़, उपराष्ट्रपति
"एक हफ्ते से एक कहानी चलाई जा रही है कि यूएस एड ने नरेंद्र मोदी सरकार को अस्थिर करने के लिए 21 मिलियन डॉलर दिए। अगर इतनी सुरक्षा एजेंसियों के होते हुए भी मोदी सरकार ने भारत में 21 मिलियन डॉलर आने दिए तो ये शर्म की बात है।" -पवन खेड़ा, कांग्रेस मीडिया सेल
Published on:
22 Feb 2025 06:36 am
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