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जिस Vijendra Gupta को मार्शल की मदद से करवाया गया था बाहर, 10 साल बाद उसी दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष पद की ली शपथ

Vijender Gupta Speaker of Delhi Assembly: दस साल पहले भाजपा के विजेंद्र गुप्ता को आधा दर्जन मार्शलों ने दिल्ली विधानसभा से बाहर निकाल दिया गया था। आज 20 फरवरी, 2025 को विजेंद्र गुप्ता उसी विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में वापस आ गए हैं।

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Vijender Gupta Speaker of Delhi Assembly: भारतीय जनता पार्टी की नेता रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली हैं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को उन पर भरोसा जताने के लिए धन्यवाद दिया। रेखा गुप्ता के साथ 6 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इन मंत्रियों में प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंदर इंद्राज सिंह, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह शामिल हैं। दिल्ली में सरकार के गठन से पहले ही विधानसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के नाम तय कर लिए गए थे। बीजेपी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को विधानसभा स्पीकर और मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर बनाया गया।

जब विजेंद्र गुप्ता को मार्शलों ने कंधों पर उठाकर किया था बाहर

दस साल पहले भाजपा के विजेंद्र गुप्ता को तत्कालीन आप विधायक अलका लांबा के खिलाफ पार्टी के एक सहयोगी ओपी शर्मा द्वारा कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने पर भारी विरोध के बीच दिल्ली विधानसभा से बाहर निकाल दिया गया था। इस दौरान सफेद कुर्ता और पायजामा पहने गुप्ता को आधा दर्जन मार्शलों ने कंधों पर उठाकर बाहर किया गया था।

विजेंद्र गुप्ता बने दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष

आज 20 फरवरी, 2025 को विजेंद्र गुप्ता उसी विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में वापस आ गए हैं। भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि हम बहुत खुश हैं क्योंकि दिल्ली में भाजपा की सरकार बन रही है। उन्होंने कहा कि मुझे दिल्ली विधानसभा का अध्यक्ष बनाने की जिम्मेदारी देने के लिए मैं पार्टी का आभारी हूं। मैं अपनी जिम्मेदारी पूरी करूंगा। मैं सदन की गरिमा बढ़ाने के लिए काम करूंगा। मेरी प्राथमिकता दिल्ली का विकास सुनिश्चित करना है।

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2015 में क्या हुआ

30 नवंबर 2015 को विधानसभ में आप और भाजपा विधायक कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर आपस में भिड़ गए। तत्कालीन अध्यक्ष राम निवास गोयल ने विजेंद्र गुप्ता को शाम 4 बजे तक सदन से बाहर जाने को कहा। जब उन्होंने हटने से इनकार कर दिया, तो मार्शलों को बुलाया गया। गुप्ता ने उन्हें हटाने के प्रयासों का विरोध किया और बेंच पर टिके रहने का प्रयास किया, लेकिन स्टाफ ने हल्ला मचाते हुए उन्हें हटा दिया।

विजेंद्र ने आप विधायकों पर लगाए थे ये आरोप

सदन से बाहर निकाले जाने से पहले गुप्ता ने अध्यक्ष पर तत्कालीन सत्ताधारी आप के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों ने तीन भाजपा विधायकों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन पर हमला किया। उन्होंने दावा किया, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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