
Waqf Bill: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जेपीसी अध्यक्ष पाल ने अपनी ताकत का दुरुपयोग करके असल मुद्दों को रिपोर्ट से हटा दिया है। ओवैसी ने कहा कि हमारा असहमति नोट बहुत लंबा था, जिसमें कई तथ्यात्मक मुद्दे शामिल थे। जिन्हें अध्यक्ष ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करके गलत तरीके से ब्लैकआउट कर दिया। उन्होंने हमें सूचित भी नहीं किया। फिर हमने उन्हें एक पत्र लिखकर इन बिंदुओं को शामिल करने को कहा।
Aimim प्रमुख ने कहा कि जो फाइनल रिपोर्ट दी गई थी उसमें बीजेपी सांसदों ने जो संशोधन दिए थे, वह पास हो गए क्योंकि उनके पास नंबर थे, हम ये नहीं करवा पाए क्योंकि हमारे पास नंबर नहीं थे। वक्फ बोर्ड मुसलमानों की उन संपत्तियों के लिए है जो हमारे बुजुर्गों ने दान दिया था, उसमें आप गैर मुसलमान को सदस्य बना रहे हैं और उसमें चुनाव नहीं होगा। आप मनोनीत करेंगे।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा बाबरी मस्जिद व राम मंदिर मामले में वक्फ बाय यूजर को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था, उस जजमेंट के मुताबिक राम मंदिर बनाया गया, उस जजमेंट में सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ बोर्ड के बारे में जो कहा था, उसके उलट सरकार काम कर रही है। जब हिंदू एंडोमेंट बोर्ड में गैर हिंदू सदस्य नहीं बन सकता, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में सिख ही सदस्य बन सकता है तो आप यहां गैर मुसलमान को क्यों बनाना चाह रहे हैं। सरकार वक्फ की संपत्ति छीनने की कोशिश कर रही है। सिर्फ नफरत के आधार पर मुसलमानों और वक्फ की संपत्ति छीनी जा रही है।
बता दें कि विपक्षी सांसदों ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति को सौंपे गए अपने असहमति नोटों से प्रमुख अंशों को हटाए जाने पर कड़ा विरोध जताया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में सांसदों ने आरोप लगाया कि उनकी आपत्तियों को बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्टीकरण के मनमाने ढंग से हटा दिया गया।
Published on:
04 Feb 2025 06:59 pm
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