7 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ममता बनर्जी से लेकर सुवेंदु अधिकारी तक… पश्चिम बंगाल चुनाव में इन 5 चेहरों पर टिकी है सबकी नजर

Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ममता बनर्जी, सुवेंदु अधिकारी, हुमायूं कबीर, दिलीप घोष और अधीर रंजन चौधरी जैसे पांच नेताओं पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

3 min read
Google source verification

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (Patrika Graphic)

Bengal Election Top 5 Face: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सबकी नजर इन 5 चेहरों पर टिकी हुई है। ममता बनर्जी से लेकर सुवेंदु अधिकारी तक, ये नेता राज्य की सियासी लड़ाई को तय करने वाले अहम खिलाड़ी बन गए हैं। चुनाव दो चरणों में (23 और 29 अप्रैल) होने हैं और इन नेताओं के इर्द-गिर्द ही TMC, BJP, कांग्रेस और अन्य दलों की रणनीति घूम रही है।

कौन है 5 नेता जिन पर टिकी नजरें

ममता बनर्जी (Mamata Banerjee)

भवानीपुर (Bhabanipur) सीट से चुनाव लड़ रही ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा है। 2011 से सत्ता में काबिज TMC की संस्थापक और मुख्यमंत्री ममता दीदी के रूप में जानी जाती हैं। इस बार उनका मुकाबला सीधे BJP के सुवेंदु अधिकारी से भवानीपुर में है। 2021 के नंदीग्राम वाले बदले की लड़ाई अब कोलकाता के इस अर्बन सीट पर शिफ्ट हो गई है। ममता सरकार पर कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और अल्पसंख्यक वोट बैंक के सवाल उठ रहे हैं, लेकिन वे अभी भी TMC की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनका लक्ष्य 226+ सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखना है। बंगाल की जनता के एक बड़े हिस्से को वे अभी भी पसंदीदा CM चेहरा मानते हैं।

सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari)

BJP के राज्यसभा में लीडर ऑफ अपोजिशन और पूर्व TMC नेता सुवेंदु अधिकारी इस चुनाव के सबसे आक्रामक चेहरे हैं। 2021 में उन्होंने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराकर इतिहास रचा था। इस बार वे नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से भी लड़ रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी पूर्व TMC कैडर से BJP में आए और अब पार्टी को बंगाल में परिवर्तन दिलाने का दावा करते हैं। वे ग्रामीण बंगाल में BJP की मजबूत पहचान बन चुके हैं। उनका फोकस TMC की तुष्टिकरण राजनीति और कानून-व्यवस्था पर हमले पर है। अगर BJP अच्छा प्रदर्शन करती है तो सुवेंदु CM फेस के रूप में उभर सकते हैं।

हुमायूं कबीर (Humayun Kabir)

पूर्व TMC MLA और विवादास्पद नेता हुमायूं कबीर अब अपनी नई पार्टी Aam Janata Unnayan Party (AJUP) के साथ मैदान में हैं। उन्होंने 182 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं और मुर्शिदाबाद जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में TMC को चुनौती दे रहे हैं। कबीर TMC से निकाले जाने के बाद बाबरी मस्जिद स्टाइल मस्जिद बनाने के प्रस्ताव से सुर्खियों में आए। वे AIMIM के साथ गठजोड़ कर अल्पसंख्यक वोट को स्प्लिट करने की कोशिश में हैं। भवानीपुर में उन्होंने ममता के खिलाफ एक उम्मीदवार भी उतारा है। कबीर खुद को किंगमेकर बताते हैं और कहते हैं कि वे TMC को सत्ता से बाहर करने के लिए BJP या अन्य को सपोर्ट कर सकते हैं। उनकी पार्टी मुस्लिम वोट बैंक में नया समीकरण बनाने की कोशिश कर रही है।

दिलीप घोष (Dilip Ghosh)

BJP के पूर्व राज्य अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता दिलीप घोष बंगाल में हिंदुत्व की आक्रामक छवि वाले चेहरा हैं। वे पार्टी की रणनीति में अहम भूमिका निभा रहे हैं और TMC सरकार पर लगातार हमले बोल रहे हैं। घोष बंगाल में BJP को मजबूत करने वाले प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उनका फोकस हिंदू वोट कंसोलिडेशन और TMC की माफिया राज पर है। हालांकि इस बार वे सीएम फेस नहीं हैं, लेकिन पार्टी की चुनावी लड़ाई में उनकी भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है।

अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury)

कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व लोकसभा में लीडर ऑफ अपोजिशन अधीर रंजन चौधरी तीन दशक बाद विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। वे बहरामपुर (Baharampur) से मैदान में हैं। कांग्रेस ने 284 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं और अधीर को पार्टी की बंगाल में वापसी का चेहरा बनाया गया है। अधीर TMC और BJP दोनों पर निशाना साधते हैं। वे मुर्शिदाबाद-मालदा इलाके में कांग्रेस की पारंपरिक ताकत को फिर से जगाने की कोशिश में हैं। 2021 में कांग्रेस बंगाल में शून्य पर सिमट गई थी, लेकिन अधीर जैसे अनुभवी नेता के साथ पार्टी त्रिकोणीय लड़ाई बनाने की उम्मीद कर रही है।