
पश्चिम बंगाल चुनाव ममता बनाम मोदी ही रहने वाला है। (फोटो डिजाइन: पत्रिका)
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीख बता दी है। वोट 23 और 29 अप्रैल को पड़ेंगे। इनकी गिनती 4 मई को होगी। मुक़ाबला सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और सत्ता में आने के लिए संघर्षरात भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में ही होना है। ममता बनर्जी के लिए लड़ाई आसान नहीं रहने वाली है।
दोनों पार्टियों ने चुनाव का बिगुल काफी पहले ही फूंक दिया है। इस बार राज्य में मतदाता सूची का विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) नया मुद्दा है। सीएम ममता लगातार इसे मुद्दा बनाए हुए हैं। वह जमीन पर, कोर्ट में, चुनाव आयोग में, सब जगह इस पर लड़ाई लड़ रही हैं। भाजपा भी जवाब दे रही है। 4 मई को पता चलेगा कि जनता किसकी बात सुनती-समझती है।
भाजपा घुसपैठ को मुद्दा बना रही है और SIR पर ममता को जवाब देने के लिए भी इसे ही मुख्य आधार बना रही है। साथ ही, वह विकास का मुद्दा भी उठा रही है। इस क्रम में 'सिंगूर' के भी चुनावी मुद्दा बनने के आसार हैं। ममता बनर्जी को सत्ता में लाने में इस मुद्दे का अहम रोल रहा है। अब इस बार यह मुद्दा क्या असर दिखाता है, यह भी देखने वाली बात होगी।
नंबर गेम में आगे रहना तृणमूल के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसा इसलिए भी कि टीएमसी का वोट शेयर पिछले चुनाव में करीब 50 फीसदी था। इससे ज्यादा बढ़ना आसान नहीं होता। दूसरी बात भाजपा का वोट शेयर पिछली बार करीब 28 फीसदी बढ़ कर 38 पार कर गया था। ममता का वोट शेयर थोड़ा गिरा और भाजपा का बढ़ा तो नतीजा कुछ भी हो सकता है। इसलिए तीसरे कार्यकाल के लिए लड़ रहीं ममता के लिए मुक़ाबला ज्यादा चुनौतीपूर्ण और जनता के लिए रोमांचक रहने वाला है।
| पार्टी | 2016 विधानसभा चुनाव | 2021 विधानसभा चुनाव |
| तृणमूल | 45.02 | 48.59 |
| बीजेपी | 10.24 | 38.1 |
| कांग्रेस | 40.22 | 10.01 |
| भाकपा | 37.27 | 5.53 |
| माकपा | 38.5 | 9.84 |
| पार्टी | 2016 विधानसभा चुनाव | 2021 विधानसभा चुनाव |
| तृणमूल | 44.91 | 48.02 |
| बीजेपी | 10.16 | 37.97 |
| कांग्रेस | 12.25 | 3.03 |
| भाकपा | 1.45 | 0.2 |
| माकपा | 19.75 | 4.71 |
वोट शेयर के बाद अब सीटों की बात करते हैं। 2021 में तृणमूल की सीटें 211 से 215 हुई, वहीं भाजपा ने अपनी सीटें 3 से 77 कर लीं। इसलिए भी इस बार भाजपा का जोश 'हाई' है और तृणमूल के लिए चुनौती बड़ी है।
| पार्टी | 2016 विधानसभा चुनाव | 2021 विधानसभा चुनाव |
| तृणमूल | 211 | 215 |
| बीजेपी | 3 | 77 |
| कांग्रेस | 44 | 00 |
| भाकपा | 01 | 00 |
| माकपा | 26 | 00 |
ममता दो बार से सत्ता में हैं। इस बीच राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध का ग्राफ बढ़ा है। भाजपा इन दोनों मुद्दों को खूब उछाल रही है। ऐसे में ममता के लिए एंटी इंकम्बेंसी फैक्टर से लड़ना और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शायद इसीलिए उन्होंने इस बार सबसे ज्यादा मौजूदा विधायकों का टिकट काटा है।
भ्रष्टाचार के मामलों में जहां पश्चिम बंगाल सरकार को अदालती झटका तक लग चुका है, वहीं नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में विदेशी लोगों द्वारा सबसे ज्यादा अपराध पश्चिम बंगाल में ही किए गए। राजनीतिक हत्याएं और मारपीट की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। ऐसे में बीजेपी कानून का राज नहीं होने का नैरेटिव मजबूत कर सकती है। बिहार में उसका यह प्रयोग सफल रहा है, जहां उसने ‘जंगलराज’ को मुद्दा बनाया था। ऐसे में यहां भी वह 'गुंडाराज' को मजबूत मुद्दा बना सकती है।
14 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में दिए भाषण में भी 'महा जंगलराज' की चर्चा करके इस बात के साफ संकेत दे ही दिए हैं।
Updated on:
22 Mar 2026, 12:15 PM IST
Published on:
15 Mar 2026, 5:47 PM IST
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