
- सचिन माथुर की रिपोर्ट
कहते हैं कि ईश्वर जब देता है तो छप्पर फाड़कर देता है। विकास लूणा (24) इसकी जीती- जागती मिसाल बन गया है। उसे मेहनत के साथ मुकद्दर का ऐसा साथ मिला कि पिछले एक माह में सात-सात सरकारी नौकरियां मिल गईं। लूणा ने दसवीं कक्षा 65 फीसदी तो बारहवीं बोर्ड 68 फीसदी अंकों से पास की। उसे एम्स, रेलवे, जेएनयू और दिल्ली जल बोर्ड में नौकरी मिली है। इस महीने वह आठवीं सरकारी नौकरी मिलने को लेकर आश्वस्त है। आईटीआई वायरमैन व इलेक्ट्रिक डिप्लोमाधारी विकास फिलहाल अन्य परीक्षाओं की तैयारियों में व्यस्त है। उसका कहना है कि यदि लक्ष्य पर नजर रखकर तैयारी की जाए तो कोई भी राह कठिन नहीं है। विकास का दिल्ली जल बोर्ड में शिफ्ट इंचार्ज और जवाहरलाल यूनिवर्सिटी में वर्क असिस्टेंट वायरमैन पद पर चयन पिछले महीने हुआ। पिछले साल रेलवे की आरआरसी ग्रुप डी भर्ती की प्रतीक्षा सूची में शामिल हुए विकास का इस भर्ती में चयन भी दिसंबर में हुआ। सीकर जिले के बाजोर निवासी विकास को यह सब बहुत ही कड़ी मेहनत के बाद मिला है।
चार एम्स में हुआ चयन
विकास का चयन एक महीने में देश के चार एम्स इंस्टीट्यूट में हुआ। इनमें एम्स ऋषिकेश, भुवनेश्वर, पटना व भोपाल शामिल हैं। एम्स भुवनेश्वर में वायरमैन, एम्स पटना, एम्स भोपाल में लिफ्ट ऑपरेटर और एम्स ऋषिकेश में ऑपरेशन इलेक्ट्रिकल एंड मेकेनिकल पद पर चयन हुआ। इन पदों की परीक्षा अलग- अलग समय हुई थी। संयोग से सभी के परिणाम दिसंबर 2023 में आए।
खेती करते हुए की पढ़ाई
चार भाई-बहनों में सबसे छोटे विकास के पिता रामनिवास लूणा ड्राइवर हैं। वह दूसरों की गाड़ी चलाकर परिवार चलाते हैं। विकास ने खेती-बाड़ी के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उसने घर पर ही रोजाना आठ घंटे पढ़ाई की। उसका लक्ष्य एसएससी सीजीएल परीक्षा पास करना है।
Published on:
02 Jan 2024 08:11 am
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