25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

WHO ने ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर दी चेतावनी, कहा- डेढ़ से तीन दिन में दोगुने हो रहे मामले

WHO ने चेतावनी देते हुए कहा कि ओमिक्रॉन को हल्का वेरिएंट समझने की गलती न करें। सामुदायिक प्रसारण वाले क्षेत्रों में ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों की संख्या 1.5 से 3 दिनों में दोगुनी हो रही है।

2 min read
Google source verification
who warned omicron cases doubling in 1.5 to 3 days with local spread

who warned omicron cases doubling in 1.5 to 3 days with local spread

नई दिल्ली। कुछ ही दिनों पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट अब तक दुनिया के कई देशों में फैल चुका है। वहीं इस वेरिएंट की संक्रामकता के बारे में जानने के लिए हर रोज नए अध्ययन किए जा रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट पहले पाए गए कोरोना के स्ट्रेन से कम घातक है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार इस वेरिएंट को हल्का में न लेने की सलाह दे रहा है। अब WHO ने देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि सामुदायिक प्रसारण वाले क्षेत्रों में ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों की संख्या 1.5 से 3 दिनों में दोगुनी हो रही है।

कोरोना अपडेट में WHO ने दी चेतावनी
यह वेरिएंट तेजी से फैल रहा है ओमिक्रोन अब तक 89 देशों में फैल चुका है, ऐसे में हमें सावधान रहने की जरूरत है। संगठन ने कोरोना को लेकर एक अपडेट में बताया कि ओमिक्रोन उच्च स्तर की जनसंख्या प्रतिरक्षा वाले देशों में अधिक तेजी से फैल रहा है। WHO ने यह भी कहा कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह वायरस की प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता के कारण हो रहा है।

ओमिक्रॉन को लेकर अधिक जानकारी की जरूरत
बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वेरिएंट के सामने आने के बाद ही दुनियाभर के देशों को सावधान रहने की चेतावनी दे दी थी। इसके साथ ही ओमिक्रॉन को 'वेरिएंट आफ कंसर्न' घोषित कर दिया था। संगठन का कहना है कि इस वेरिएंट से अस्पताल भर सकते हैं और मौतों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है। WHO का कहना है कि ओमिक्रॉन को लेकर अभी सीमित जानकारी मौजूद है। इस वेरिएंट को लेकर अधिक जानकारी जुटाने की जरूरत है, जिससे इसके संक्रामकता के बारे में अधिक जानकारी मिल सके।

हाल ही में हांगकांकग यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में पता चला है कि ओमिक्रॉन अभी तक पाए गए कोरोना के वेरिएंट के मुकाबले 70 गुना तेजी से फैलता है। बताया गया कि ओमिक्रॉन, फेफड़े तक एयर को पहुंचाने वाली नलिकाओं में 70 गुना तेजी से विकसित हो सकता है। राहत की बात यह है कि ओमिक्रॉन फेफड़ों के टिशू में बहुत धीरे-धीरे प्रवेश करता है। रिपोर्ट में शामिल शोधकर्ताओं ने नतीजों का आधार मानते हुए कहा कि ओमिक्रॉन वेरिएंट बहुत ज्यादा घातक नहीं है।

यह भी पढ़ें: कोरोना को लेकर विशेषज्ञों ने दी चेतावनी, कहा- ओमिक्रॉन और डेल्टा मिलकर बना सकते हैं नया सुपर वेरिएंट

ओमिक्रॉन को लेकर विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि किसी भी वेरिएंट के बहुगुणित होने से उसकी संक्रामकता के बारे में पता नहीं लगाया जा सकता है। इसके लिए अभी और रिसर्च कर जानकारी जुटाने की जरूरत है। वेरिएंट के बारे में पता करने के लिए हमें जानना होगा कि ओमिक्रॉन मरीज के इम्यून सिस्टम को कैसे प्रभावित करता है।