
अमित शाह और सुवेंदु अधिकारी ( File Photo Credit - IANS)
West Bengal Assembly elections: बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने बीते गुरुवार को विपक्ष शासित पश्चिम बंगाल और केरल में विधानसभा चुनाव को रणनीति और उम्मीदवारों के चयन पर चर्चा की। प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और अन्य नेता शामिल हुए, लेकिन सबसे अहम यह सवाल यही है कि क्या भारतीय जनता पार्टी इस बार पश्चिम बंगाल में सीएम फेस के साथ चुनावी रणभूमि में उतरेगी। ममता बनर्जी के बरक्श BJP में ऐसे कौन-कौन से नाम हैं।
कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम मोदी के पश्चिम बंगाल दौरे के बाद पार्टी 145 से 150 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर सकती है। माना जा रहा है कि पार्टी के पास इंटरनल सर्वे के रिपोर्ट्स आ गए हैं और उम्मीदवारों का नाम लगभग फाइनल हो गया है। बीजेपी के एक सीनियर नेता ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग बदलाव चाहते हैं। वह इस बार परिवर्तन के लिए वोट करेंगे।
बीजेपी के एक नेता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम उन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा पहले करेंगे, जिस पर पिछले चुनाव में हम बेहद कम मार्जिन से चुनाव हारे। साथ ही, उन निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान पहले किया जाएगा, जहां अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या अधिक है। इससे हमारे उम्मीदवार को पहले से चुनाव प्रचार करने का फायदा मिल सके। बीजेपी नेता ने कहा कि पीएम मोदी मीटिंग में इस बात पर जोर दिया कि टिकट उसे दिया जाए जिसकी जीतने की संभावना सबसे अधिक हो और जमीन पर लोगों का उससे जुड़ाव हो।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि वह आगामी चुनाव चेहरा आगे करके लड़ेगी या फिर संगठन के बूते। ममता बनर्जी और तृणमलू इस पर बीजेपी को घेरते आ रही है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के पास बंगाल में कोई मजबूत चेहरा नहीं है। इसलिए वह सामूहिक नेतृत्व और मोदी के भरोसे चुनाव लड़ना चाहती है।
बीजेपी ने पिछला विधानसभा चुनाव बिना किसी चेहरे के लड़ा था। हालांकि, TMC से भाजपा में आए सुवेंदु अधिकारी प्रमुख चेहरों में से एक थे। साल 2021 के चुनाव में उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट पर पटखनी दी थी। इसके साथ ही, भाजपा राज्य में 77 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी पार्टी बनी। वहीं, भाजपा ने उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया। वह नेता प्रतिपक्ष होने के नाते TMC सरकार पर जमकर हमलावर रहे हैं। सुवेंदु अधिकारी को जमीनी संगठन, हिंदुत्व नैरेटिव और आक्रामक राजनीति में मजबूत माना जाता है। राज्य में वह पार्टी के बड़े चेहरों में से एक हैं। ऐसे में उनका नाम सबसे आगे चल रहा है।
वहीं, सीएम फेस के रेस में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का नाम भी शामिल है। दिलीप घोष संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले नेता माने जाते हैं। इसके साथ ही, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ उनकी नजदीकी भी है। कुछ समय पहले शाह से मुलाकात के बाद दिलीप घोष राज्य की राजनीति में सक्रिय हुए हैं।
वहीं, अग्निमित्रा पॉल तेज-तर्रार महिला नेता और मुखर हिंदुत्व चेहरा हैं। महिला नेता होने के कारण आधी आबादी पर असर डालने में निर्णायक साबित हो सकती है। वहीं, बीजेपी अध्यक्ष सौमिक भट्टाचार्य संगठन और बौद्धिक वर्ग से संवाद का चेहरा माने जाते हैं। इस रेस में एक नाम सुकांत मजूमदार का भी है।
वहीं, सीएम फेस को लेकर मिथुन चक्रवर्ती ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि देश के 21 राज्यों में भाजपा की सरकार है। भाजपा का चेहरा मोदी जी हैं और हमलोग का चिन्ह कमल फूल है। चुनाव के बाद पार्टी जिसको तय करेगी, वही कार्यकर्ता मुख्यमंत्री बनेगा।
Published on:
13 Mar 2026 12:20 pm
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