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शॉपिंग, ओटीटी और मेसेजिंग ऐप्स पर पुरुषों से 42% ज़्यादा एक्टिव महिलाएं

क्या आपको पता है कि पुरुषों से ज़्यादा महिलाएं शॉपिंग, ओटीटी और मेसेजिंग ऐप्स पर एक्टिव हैं। हाल ही में इससे जुडी एक रिपोर्ट सामने आई है।

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भारत

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Tanay Mishra

May 20, 2026

Women using smartphones

Women using smartphones

भारतीय डिजिटल बाज़ार में एक बड़ा व्यावहारिक बदलाव आया है, जहाँ शहरी महिलाएं 'अटेंशन इकॉनोमी' की नई ताकत बनकर उभरी हैं। इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया और उपभोक्ता इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म वीटीआईओएन द्वारा जारी 'इंडिया डिजिटल बिहेवियर रिपोर्ट 2025-26' के मुताबिक, शहरी भारत में महिलाएं मनोरंजन, मेसेजिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर पुरुषों की तुलना में कहीं ज़्यादा समय बिता रही हैं। रिपोर्ट में महिलाओं को डिजिटल श्रेणियों में "साइलेंट मेजॉरिटी ऑफ अटेंशन" कहा गया है, जिसमें वो पुरुषों से 42% ज़्यादा एक्टिव हैं।

क्या कहते हैं आंकड़े?

आंकड़ों के अनुसार बड़े शहरों में 25-34 आयु वर्ग की शहरी महिलाएं ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स ऐप्स पर रोजाना औसतन 35.2 मिनट खर्च कर रही हैं, जबकि पुरुषों के लिए यह समय 24.8 मिनट है। 18-24 वर्ष के युवा वर्ग में यह अंतर और भी बढ़ जाता है, जहाँ युवतियां पुरुषों की तुलना में 47% ज़्यादा समय शॉपिंग ऐप्स पर बिताती हैं। इसी तरह मनोरंजन (ओटीटी) ऐप्स पर भी शहरी महिलाएं हर दिन औसतन 82.4 मिनट का समय दे रही हैं।

महिलाओं की बढ़ती परचेज़िग पावर का सबूत

एक्सपर्ट्स के अनुसार यह बदलाव सिर्फ ज़्यादा स्क्रीन टाइम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के बढ़ते डिजिटल आत्मविश्वास और उनकी बढ़ती परचेज़िग पावर को भी दर्शाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार महिलाएं अब डिजिटल-फर्स्ट लाइफस्टाइल अपना रही हैं, जिससे डिजिटल बैंकिंग और बिजनेस टूल्स के इस्तेमाल में भी तेजी आई है। इसके अलावा रिपोर्ट में अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच भारत में एआई ऐप्स के उपयोग में 100% से ज़्यादा की वृद्धि हुई है। शहरी उपभोक्ता अब पारंपरिक सर्च इंजन या शॉपिंग ऐप खोलने से पहले एआई टूल्स (जैसे चैटजीपीटी, जेमिनी) पर जाकर जानकारी जुटा रहे हैं।

ओटीटी बना महिलाओं के लिए मनोरंजन का नया प्लेटफॉर्म

ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स ने महिलाओं के मनोरंजन को पूरी तरह बदल दिया है। कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने घर बैठे विविध कंटेंट उपलब्ध कराकर महिलाओं को ढेर सारे ऑप्शंस दिए हैं। अब महिलाएं घर बैठे अपनी पसंद के अनुसार वेब सीरीज, फिल्में, डॉक्यूमेंट्री और रियलिटी शो देख सकती हैं। पारंपरिक टीवी के समय बंधन से मुक्त होकर वो जब और जहाँ चाहे, कंटेंट देख सकती हैं। ओटीटी ने महिलाओं को न सिर्फ मनोरंजन दिया बल्कि अपनी आवाज, महत्वाकांक्षा और संघर्ष को स्क्रीन पर देखने का मौका भी प्रदान किया। आज घरेलू महिलाएं से लेकर कामकाजी महिलाएं तक ओटीटी को अपना पसंदीदा प्लेटफॉर्म मानती हैं। यह सुविधा, विविधता और महिलाओं की पसंद का सम्मान ओटीटी की सफलता का सबसे बड़ा कारण है।