
Women representation in Indian politics: देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी समय के साथ बढ़ रही है, लेकिन उनका प्रतिनिधित्व अभी भी कम है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में कुल 4,666 सांसदों और विधायकों में से केवल 464 यानी 10% महिलाएं हैं।
| राज्य | महिला सांसदों की संख्या |
| पश्चिम बंगाल | 11 |
| उत्तर प्रदेश | 7 |
| महाराष्ट्र | 7 |
| मध्य प्रदेश | 6 |
बड़े राज्यों में केरल ऐसा एकमात्र राज्य है, जहां से कोई भी महिला सांसद नहीं है।
हालांकि इस बार चुनाव में केवल राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों की महिला उम्मीदवार ही जीत पाईं, जबकि किसी भी गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी या स्वतंत्र महिला उम्मीदवार नहीं जीत पाई।
| राज्य | विधानसभा में महिलाओं की संख्या |
| उत्तर प्रदेश | 47 |
| पश्चिम बंगाल | 40 |
| बिहार | 29 |
| मध्यप्रदेश | 27 |
| साल | महिला उम्मीदवार |
| 1957 | 45 |
| 2024 | 800 |
| वर्ष | महिला सांसद | प्रतिशत |
| 1951 | 22 | 5% |
| 2024 | 74 | 14% |
सितंबर 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इसके तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसे जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकेगा।
Published on:
10 Mar 2026 07:22 am
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