10 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देश में महिला सांसदों और विधायकों का प्रतिनिधित्व 10% तक, लेकिन महिला आरक्षण विधेयक से उम्मीदें

ADR report women MPs MLAs India: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में कुल 4,666 सांसदों और विधायकों में से केवल 464 यानी 10% महिलाएं हैं। 

less than 1 minute read
Google source verification

भारत

image

Ashib Khan

Mar 10, 2026

Women representation in Indian politics: देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी समय के साथ बढ़ रही है, लेकिन उनका प्रतिनिधित्व अभी भी कम है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में कुल 4,666 सांसदों और विधायकों में से केवल 464 यानी 10% महिलाएं हैं।

लोकसभा में महिलाओं की स्थिति

  • कुल सांसद (18वीं लोकसभा)- 543
  • महिला सांसद- 74 (14%)

बंगाल से सबसे ज्यादा महिला सांसद

राज्यमहिला सांसदों की संख्या
पश्चिम बंगाल11
उत्तर प्रदेश7
महाराष्ट्र7
मध्य प्रदेश6

बड़े राज्यों में केरल ऐसा एकमात्र राज्य है, जहां से कोई भी महिला सांसद नहीं है।

किस पार्टी में कितनी महिला सांसद?

  • भाजपा - 31 (सबसे अधिक)
  • कांग्रेस - 13
  • तृणमूल कांग्रेस - 11

हालांकि इस बार चुनाव में केवल राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों की महिला उम्मीदवार ही जीत पाईं, जबकि किसी भी गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी या स्वतंत्र महिला उम्मीदवार नहीं जीत पाई।

विधानसभाओं में महिलाओं की स्थिति

  • देशभर में कुल विधायक- 4,123
  • महिला विधायक- 390 (9%)

यूपी में सबसे ज्यादा महिला विधायक

राज्यविधानसभा में महिलाओं की संख्या
उत्तर प्रदेश47
पश्चिम बंगाल40
बिहार29
मध्यप्रदेश27

पार्टियों में महिला विधायक

  • भाजपा - 163
  • कांग्रेस - 59
  • टीएमसी- 34

लोकसभा चुनाव में बढ़ी भागीदारी

सालमहिला उम्मीदवार
195745
2024800

लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व

वर्षमहिला सांसद प्रतिशत
195122 5%
2024 74 14%

लोकल स्तर पर बेहतर स्थिति

  • 2022 में स्थानीय निकायों में महिला प्रतिनिधि - 13,75,914
  • महिलाओं की हिस्सेदारी - 44%

महिला आरक्षण विधेयक भी

सितंबर 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इसके तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसे जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकेगा।