
महिला आरक्षण बिल पर बढ़ा विवाद (Patrika Graphic)
Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। प्रियंका गांधी के बयान पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को ढाल बनाकर सत्ता में स्थायी रूप से बने रहने की कोशिश कर रही है और खुद को महिलाओं का मसीहा साबित करना चाहती है। प्रियंका ने हाथरस, मणिपुर और महिला खिलाड़ियों से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का महिला सशक्तिकरण का दावा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद सत्र जल्दबाजी में बुलाया गया और बिल का मसौदा अंतिम समय में पेश किया गया।
प्रियंका गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी भाषा पूरी तरह गलत है। उन्होंने सवाल उठाया, क्या महिलाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है? क्या महिलाएं कोई सामान हैं? उन्होंने आगे कहा कि आमतौर पर वह प्रियंका गांधी पर टिप्पणी नहीं करते, लेकिन इस बार उनकी भाषा पर बोलना जरूरी है। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्हें न महिलाओं पर भरोसा है और न ही संसद पर।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस ने पहले भी महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल गिरने के बाद विपक्ष ने जश्न मनाया, जिससे कांग्रेस की मंशा केवल दिखावटी प्रतीत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के अधिकारों को सबसे अधिक नुकसान कांग्रेस ने पहुंचाया है। उनके अनुसार, देश की महिलाओं के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह की राजनीति की जा रही है।
महिला आरक्षण बिल लंबे समय से देश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। इसका उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देना है। लेकिन इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद लगातार बने हुए हैं।
Published on:
18 Apr 2026 03:03 pm
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