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50 साल का काम 6 साल में हुआ, वर्ल्ड बैंक ने की मोदी सरकार की जमकर तारीफ

World Bank Praises Digital India: G20 समिट से पहले वर्ल्ड बैंक ने भारत की खूब प्रशंसा की है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान ने डॉक्यूमेंट में भारत की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने छह साल में जो मुकाम हासिल किया है वो पिछले पांच दशक कोई नहीं कर सका था।

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World Bank Praises Digital India

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World Bank Praises Digital India: G20 समिट से पहले वर्ल्ड बैंक ने भारत की खूब प्रशंसा की है। देश की राजधानी दिल्ली में 8 से 10 सितंबर तक होने जा रहे जी20 सम्मेलन से पहले तैयार किए गए डॉक्यूमेंट में वर्ल्ड बैंक ने कहा कि भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (Digital public Infrastructure) DPI का असर फिनांशियल इन्क्लुशन से कहीं ज्यादा है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान ने डॉक्यूमेंट में भारत की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने छह साल में जो मुकाम हासिल किया है वो पिछले पांच दशक कोई नहीं कर सका था।


मोदी सरकार ने 6 साल में कर दिया 50 साल का काम

विश्व बैंक ने कहा है कि भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का प्रभाव वित्तीय समावेशन से बहुत ज्यादा है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान ने एक दस्तावेज में भारत की सराहना करते हुए कहा कि देश ने छह साल में जो हासिल किया है, वह अन्यथा लगभग 50 साल साल लेगा। भारत ने कुछ बेहतरीन डिजिटल सार्वजनिक वस्तुओं का बुनियादी ढांचा विकसित किया है। इससे दुनियाभर में जीवन को बदल सकता है। इसमें UPI, जनधन, आधार, ONDC और कोविन जैसे कुछ उदाहरण हैं।

80 फीसद लोग सीधे देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े

जन धन, आधार, मोबाइल (JAM) जेएएम ट्रिनिटी ने वित्तीय समावेशन दर को 2008 में 25% से बढ़ाकर पिछले 6 वर्षों में वयस्कों के 80% से अधिक कर दिया है। डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे DPI की बदौलत यह यात्रा 47 साल तक छोटी हो गई है। आज डिजिटल इंडिया के कारण 80 फीसद लोग सीधे देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ गए हैं। वर्ल्ड बैंक के दस्तावेज़ के अनुसार, इस छलांग में DPI की अहम भूमिका रही है। DPI की उपलब्धता पर आधारित अन्य पारिस्थितिकी तंत्र चर और नीतियां महत्वपूर्ण थीं।

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अन्य देशों को भी लाभ

भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण जोर यह UPI के लाभ केवल भारत तक ही सीमित न हों। इससे अन्य देश भी लाभान्वित हों। अब तक श्रीलंका, फ्रांस, यूएई और सिंगापुर ने उभरते फिनटेक और भुगतान समाधानों पर भारत के साथ हाथ मिलाया है।

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