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VIDEO…कपड़ा व्यापारी पर दुष्कर्म मामले में व्यापारियों ने किया सिटी थाने का घेराव

एसपी को सोपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग

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नीमच। जिले के मनासा क्षेत्रों में कपड़ा व्यापारी पर महिला द्वारा दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं, मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर व्यापारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जिसके बाद शनिवार को मनासा के व्यापारी संघ के सदस्य बड़ी संख्या में नीमच सिटी थाने पहुंचे। जहां उन्होंने थाने का घेराव करते हुए एसपी अमित कुमार कॉलोनी को एक ज्ञापन सौंपा है।

जिसमें बताया गया कि मनासा सरकारी अस्पताल के पास विमल क्लाथ के नाम से प्रतिष्ठित कपड़ा की फर्म स्थित है,जिसका प्रोपराईटर कैलाश पिता रामकिशन दुआ निवासी मनासा है। उक्त प्रतिष्ठान पर 29 जून 2023 को प्रात: 9 से 10 बजे के बीच मंजूबाई पति सुशील राव निवासी गोकुल विहार भिलवाड़ा राजस्थान साडिय़ा लेने के लिये गई थी, जिसके साथ 2-3 व्यक्ति ओर थे जो दुकान के बाहर ही खड़े थे। उक्त महिला ने और उसके साथ आई एक अन्य महिला ने काफी देर तक साडिय़ा देखी और पसंद करने के बाद बिल बनवाया और बिल बनवाने के पश्चात पसंद की हुई साडिय़ा लेने से इंकार कर दिया और कारण पूछा तो गुस्सा होकर अश्लील शब्द का उपयोग कर जोर जोर से चिल्लाने लगी, तब कैलाश दुआ द्वारा उक्त महिला से हाथ जोडक़र निवेदन किया गया कि हम प्रतिष्ठित लोग है जोर से चिल्लाओ मत तुम्हे साडिय़ा नहीं लेना हो तो मत लो और यहां से चले जाओ। तब उक्त महिला ने कैलाश को यह धमकी दी कि तुम मुझे जानते नहीं हो,मेरे साथ अन्य कई लोग है,मैं तुझे देख लुंगी यह कहकर महिला दुकान से चली गई ओर उक्त दिन को ही सायं 7.00 बजे के करीब पुलिस मनासा दुकान पर बेठे कैलाश दुआ को अपने साथ लेकर थाना मनासा पर आ गई, तब हम सब परिजन थाना मनासा पर पहुंचे तो यह पता चला कि उक्त महिला तथा उसके साथ आये अन्य व्यक्तियों ने कैलाश के विरूद्ध असत्य तथ्यों का सहारा लेकर दुकान पर उसके साथ बलात्कार किए जाने की रिपोर्ट करवाकर प्रकरण पंजीबद्ध करवा दिया हैं।

हनीट्रेप का मामला
मनासा के प्रतिष्ठित कपड़ा व्यापारी कैलाश पिता रामकिशन दुआ के विरूद्ध असत्य बलात्कार का प्रकरण दर्ज करवाकर अवैध रूप से रूपये ऐठने संबंधी मामला सामने आया। पुलिस मनासा द्वारा कैलाश को गिरफ्तार करने के पश्चात 30 जून को न्यायालय मनासा में दोपहर को प्रस्तुत किया, तब उक्त महिला के साथ आए एक व्यक्ति, जिसने अपने आप को वकील होना बतलाया था, जिसका नाम महावीर प्रसाद एवं दूसरा अन्य व्यक्ति,जिसका नाम मुकेश शर्मा, दोनों निवासी भीलवाड़ा कैलाश दुआ के चचेरे भाई अनिल दुआ के पास आए और उसको यह बोला कि मंजूबाई के साथ हम लोग आए है तथा उसके द्वारा की गई रिपोर्ट में हम महत्वपूर्ण साक्षी है, अगर तुम हमें हमारे कहे अनुसार रूपये दे दो तो हम मंजूबाई को समझाकर उसके न्यायालय में होने वाले कथनों में आपके भाई के पक्ष में बयान दिलवा देंगे और यदि तुमने हमारी बात नहीं मानी तो तुम्हारे भाई को जिन्दगी भर जेल में सड़ा देंगे, तुम हम लोगों को जानते नहीं हो, हम इस मामले में एक्सपर्ट है और कई लोगों को जेल की हवा खिला चुके है। उसके कहे अनुसार 2 लाख रूपये लेकर उनके पास गया, तब महावीर प्रसाद ने रूपये लेकर एक सहमति पत्र भी अपने हस्तलिपी से लिखकर अनिल दुआ को दिया। उसके बाद भी कैलाश दुआ के विरूद्ध की गई असत्य रिपोर्ट पर अनिल दुआ से दबाव पूर्वक उसकी इच्छा के विरूद्ध रूपये ऐठने के खिलाफ बोलने लगे और महावीर प्रसाद खटीक तथा मुकेश शर्मा को पकडक़र थाना मनासा पर ले गये, जहां पर उक्त घटना की जानकारी नगर में होने से नगर के सभी व्यापारी संघ के अध्यक्ष,सामाजिक संस्थाओं के अध्यक्ष एवं पंजाबी समाज के सेकड़ो व्यक्ति थाना मनासा पर पहुंचे तथा मंजूबाई, महावीरप्रासाद, मुकेश शर्मा के विरूद्ध उक्त घटना को लेकर रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिस पर से पुलिस थाना मनासा द्वारा धारा 384, 34 आई.पी.सी. के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उन्हें हवालात में बंद कर दिया हैं। मंजूबाई द्वारा की गई रिपोर्ट की सत्यता की जांच की जावे तथा विमल क्लाथ के आसपास के व्यापारियों,दुकान पर कार्य करने वाले कर्मचारियों एवं अन्य मौजूद व्यक्तियों के कथन लिये जावे और जांच की जावे, महिला मंजूबाई द्वारा जिस दुकान पर अपने साथ घटना कारित होना बतलाया गया है,वह दुकान नगर के व्यस्ततम मार्ग पर स्थित है। जहां पर हजारों की संख्या में आवागमन प्रात: 8 बजे से लेकर सायं 6 बजे तक रहता है। ऐसे व्यस्ततम मार्ग पर स्थित दुकान पर कथित घटना होना अपने आप में शंकास्पद है,। इस तथ्य की भी यदि निष्पक्ष जांच की जाती है तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी, जिस महिला के साथ बलात्कार होना बतलाया गया है, उक्त महिला ने दुकान से निकलने के पश्चात लगभग 3-4 घण्टे तक इस संबंध में थाना मनासा जाकर रिपोर्ट नहीं की,यह भी जांच का विषय हैं। इन सभी बातों को लेकर नगर में पुलिस मनासा के प्रति काफी आक्रोश है और हम सभी सामाजिक संगठन मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुवे असत्य रिपोर्ट करने वाले तथा रिपोर्ट करने के पश्चात अवैध रूप से रूपये ऐठने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जाकर पीड़ित कैलाश के विरूद्ध दर्ज किये गये आपराधिक प्रकरण को समाप्त करने संबंधी योग्य कार्यवाही की जाकर न्याय प्रदान किया जाए।