
पीएम, सीएम और उच्चाधिकारियों को सामूहिक रूप से मेल करते हुए संविदा स्वास्थ्यकर्मी।
नीमच. संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल के १५वें दिन अपनी दो सूत्रीय को लेकर उच्चाधिकारियों को सामूहिक रूप से मेल किए। वहीं कोरोना संक्रमण की तैयारियों का जायजा लेने जिला चिकित्सालय पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा को मांगों के निराकरण के लिए ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों की हड़ताल 15वें दिन भी जारी
अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल गुरुवार को 15वें दिन भी जारी रही। इस दौरान संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मंत्री सकलेचा को ज्ञापन देकर अपनी मांगो को पूर्ण करवाने का आग्रह किया। इसपर मंत्री सकलेचा ने मांगों पर उचित कार्रवाई करने का भरोसा देकर ज्ञापन को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हड़ताल के 2 सप्ताह बीत जाने के बावजूद सरकार की ओर से सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर संविदा कर्मचारियों अधिकारियों प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं। गुरुवार को सभी संविदा साथियों ने भारत के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को अपनी मांगों के संबंध में मोबाईल एवं लैपटॉप से पृथक पृथक मेल किए। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी-अधिकारियों द्वारा वर्ष 2013, 2016, 2018 और 2021 में किए हड़ताल के दौरान एवं हड़ताल समाप्ति के पश्चात सभी आश्वासन को मेल किया गया। उनको अपनी व्यथा और परेशानियों से अवगत कराया।
'अर्जेंट करो अर्जेंट करो हमको परमानेंट करो'
सविदाकर्मियों ने अभी अर्जेंट करो अर्जेंट करो हमको परमानेंट करो। हमको परमानेंट कब करोगे, मर जायेंगे तब करोगे। आश्वासन नहीं आदेश चाहिए का नारा बुलंद कर नारे लगाए। संविदा स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारियों के अनिश्चितकालिन हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य विभाग की अनेकों योजना प्रभावित हो रही। इनमें प्रमुख रूप से टीबी कार्यक्रम टीकाकरण, मलेरिया, कुष्ट रोग, एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत समस्त प्रकार की शुगर एवं बीपी की जांचे, एएनसी महिलों की जांचे पूर्ण रूप बंद पड़ी हैं। जिले के समस्त हैल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ताले लगे होने से ग्रामिण क्षेत्र की सभी स्वास्थ्य सेवाएं चौपट हो रही हैं। गांवों में स्वास्थ संस्थाओं ग्रामीण क्षेत्र में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सीएचओ के हड़ताल पर होने से उप स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले लगे हुए हंै। सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा हैं। पोर्टल पर एंट्री नहीं होने से पूरे प्रदेश की स्थिति पर राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हो रही है। टीकाकरण, टीबी की दवाई वितरण डिलेवरी व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। दवा वितरण, जांच कार्य बंद पड़े हैं। ये हड़ताल यदि अनवरत चलती है तो आगमी दिनों में स्वास्थ्य व्यवस्था पर ज्यादा प्रभावित होने की संभावना ही नहीं बल्कि पूरी तरह से चरमा जाएगी। देश में कोरोना के प्रकरण भी लगातार बड़ रहे जिससे गंभीर स्थिति बनी हुई है।
Published on:
29 Dec 2022 07:12 pm
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