
Harkiyakhal Balaji temple: धार्मिक स्थलों पर भगवान के आभूषण, दानपात्र की चोरी की वारदातें पहले भी होती रही। ऐसे मामले न्यायालय में चलते रहते हैं, लेकिन ऐसा पहली बार देखने को मिला है जब पकड़े गए बदमाशों को उस मंदिर ले जाया गया जहां उन्होंने चोरी की और उनसे माफी भी मंगवाई गई। यह मामला मध्य प्रदेश के नीमच में स्थित सुप्रसिद्ध हरकियाखाल बालाजी मंदिर का है। इस मंदिर पर देशभर के राजनेता, राज्यपाल, कई मंत्रीगण, उद्योगपति और तमाम वीवीआइपी दर्शन के लिए आते हैं।
दरअसल, सुप्रसिद्ध हरकियाखाल बालाजी मंदिर के ताले तोड़कर बदमाशों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। बदमाशों ने सोने की परत चढ़े मुकुट- मुखोटे, चांदी के छत्र, पादुकाएं, गदा सहित भगवान के लाखों रुपये कीमती आभूषण और दानपात्र से पैसे चुराए थे। प्रसिद्ध मंदिर में हुई वारदात को पुलिस ने चुनोती के रूप में लिया। वारदात के 4-5 दिन के भीतर ही पुलिस ने आरोपियों का न केवल पता लगाया बल्कि चोरी किया माल भी बरामद कर लिया।
वारदात में राजस्थान के 6 आरोपियों का पेशेवर गिरोह शामिल था। इनमे से चार को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक आरोपी गुजरात में चोरी करते पुलिस के हत्थे चढ़ गया। एक आरोपी फरार है। इन आरोपियों को लेकर आज नीमच एसपी अंकित जायसवाल और पुलिस टीम हरकियाखाल बालाजी मंदिर पहुंची। यहां आरोपियों को बालाजी के सामने पेश कर नाक रगड़वाकर माफी मंगवाई गई। इसके बाद मंदिर पुजारी और ग्रामीणों ने एसपी सहित पूरी पुलिस टीम का सम्मान किया।एसपी द्वारा मंदिर से चोरी हुए आभूषण भी औपचारिक कार्रवाई कर मंदिर के पुजारी लक्ष्मीनारायण शर्मा को सौंप दिए।
इस दौरान एसपी अंकित जायसवाल ने कहा कि 'आस्था के बड़े धर्म स्थल पर चोरी होना हमारे लिए चुनोती थी। हमने भी संकल्प लिया था कि मंदिर में तभी प्रवेश करेंगे जब चोरी ट्रेस कर लेंगे। जहां तक आरोपियों से नाक रगड़कर माफी मंगवाने की बात है तो ऐसा इसलिए किया गया कि जन आस्था के धर्म स्थलों पर अपराध करने से पहले बदमाश सोचें। यह संदेश है कि धार्मिक स्थलों पर ऐसी वारदात की, तो परिणाम ऐसा होगा।' इस पूरे मामले में बड़ी बात यह है कि वारदात करने वाले आरोपियों ने भी कहा कि उन्होंने बालाजी महाराज से माफी मांगी है और यह भी प्रण किया कि आगे से अपराध तौबा, कभी चोरी नहीं करेंगे।
Published on:
23 Feb 2025 02:08 pm
