
Neemuch-Singoli-Kota rail line: मध्य प्रदेश के नीमच में कुछ समय पहले 4 हजार करोड़ रूपए की लागत से सीमेंट प्लांट के निर्माण की घोषणा की गई थी। इस घोषणा के बाद क्षेत्र के लोग नीमच-सिंगोली-कोटा रेल लाइन का सपना हजारों लोग पिछले 50 साल से देख रहे हैं। 2014 में तत्कालीन रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस रेल प्रोजेक्ट के सर्वे को स्वीकृति दी थी, जिससे उम्मीदें जगीं। हाल ही में इस परियोजना को नया बल तब मिला जब 2 फरवरी 2024 को इस रेल लाइन के अंतिम स्थान सर्वेक्षण (FLS) के लिए 5 करोड़ 3 लाख 25 हजार रुपये की मंजूरी मिली।
नीमच के सागराना में 4000 करोड़ रूपए का गोल्ड क्रेस्ट सीमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 मार्च 2024 को इसका वर्चुअल शिलान्यास किया। यह प्लांट 10,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन सीमेंट उत्पादन करेगा। इस नई फैक्ट्री के कारण रेल लाइन की जरूरत और अधिक हो गई है, क्योंकि इसे भारी मात्रा में कोयला, जिप्सम, स्टोन और अन्य कच्चे माल की आपूर्ति करनी होगी। यदि यह रेल लाइन बनती है, तो इससे रेलवे को सालाना 800 से 1000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
रेल संघर्ष समिति के इब्राहिम बोहरा और सचिन सोनी के अनुसार, यह प्रोजेक्ट रेलवे के लिए घाटे का नहीं, बल्कि फायदे का सौदा साबित होगा। इस मार्ग पर पहले से आदित्य बिरला सीमेंट प्लांट, कोटा थर्मल पावर प्लांट, रावतभाटा परमाणु ऊर्जा केंद्र और नीमच कृषि उपज मंडी जैसे बड़े औद्योगिक केंद्र स्थित हैं।
हालांकि, फाइनल लोकेशन सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, इस रेल प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी -6% दर्ज की गई है, जो चिंता का विषय है। अब देखना यह होगा कि नया सीमेंट प्लांट इस रिपोर्ट पर क्या प्रभाव डालता है और क्या यह बहुप्रतीक्षित रेलवे लाइन धरातल पर उतर पाएगी?दमोह
Published on:
06 Mar 2025 02:35 pm
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