
अट्ठारह अभिषेक में उपस्थित साध्वीश्रीजी व अन्य।
नीमच. वर्षभर में हमारे द्वारा प्रभु के प्रति भूलवश अविनय, अशुद्धि, अपवित्रता हो जाती है तो उसके निवारण हेतु केसर चंदन दुग्गल सत्य औषधि शतावरी जेस्टी मृतिका माटी सहित विभिन्न 18 प्रकार की औषधियों से अभिषेक महापूजन किया जाता है। परमात्मा की असातना का त्याग करने से आराधना स्वीकार होती है। विध्न का नाश और शांति समृद्धि का वास कराने वाली पूजा होती है।
यह बात साध्वी मुक्ति प्रियाश्रीजी ने कही वे। श्री जैन श्वेतांबर भीड़ भंजन पाश्र्वनाथ मंदिर ट्रस्ट श्रीसंघ के तत्वावधान में आयोजित अष्टानिका महोत्सव की शृंखला में पुस्तक बाजार स्थित भीड़भंजन पाश्र्वनाथ मंदिर परिसर में सोमवार सुबह आयोजित अट्ठारह अभिषेक महापूजा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बोल रही थी। उन्होंने कहा कि किसी भी पूजा का फल कभी निष्फल नहीं जाता है वह अवश्य मिलता ही है। इस महापूजन से कष्टों का संहार होता है और संकट टल जाते हैं। अट्ठारह अभिषेक महापूजन विधिकारक भजन गायक कलाकार पंकज जैन झारड़ा उज्जैन ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जलाभिषेक करवाया। इस अवसर पर पाठ पर चंदन अक्षत पान फल निवेद्य श्रीफल से रंगोली सजाई गई। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक चढ़ावे की बोलियां लगाई गई जिसमें समाज जनों ने अपार उत्साह के साथ भाग लिया।
अभिषेक महापूजन आयोजित
गुरु नवरत्न कृपा पात्र युवा हृदय सम्राट परम पूज्य आदरणीय श्री विश्वरत्न सागर सुरीश्वर महाराज आदि ठाणा 21, साध्वी नयप्रज्ञा श्रीजी, परम पूज्य मुक्ति प्रियाश्रीजी, निधि रेखाश्रीजी आदि ठाणा 13 के सानिध्य तथा श्री जैन श्वेतांबर भीड़भंजन पाश्र्वनाथ मंदिर ट्रस्ट श्रीसंघ नीमच के तत्वावधान में अष्टान्हीका महोत्सव, अंजली बोहरा की भागवती दीक्षा, नूतन आराधना भवन का उद्घाटन, श्री भीड़ भंजन मंदिर वार्षिक ध्वजा, सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार सुबह पुस्तक बाजार श्री भीड़भंजन मंदिर पर श्री संघ द्वारा सुबह 18 अभिषेक महा पूजन आयोजित किया गया।
आज आचार्यश्री का होगा नगर प्रवेश
मंगलवार को सुबह 7.30 बजे नवकारसी, 8.30 बजे निरोगधाम के समीप 37 विकासनगर 14/2 से आचार्यश्री का भव्य नगर प्रवेश सामैया जुलूस प्रारंभ होगा। प्रात: 10 बजे वार्षिक ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शाम 6.30 बजे मुमुक्षु दीक्षार्थी अंजलि बोहरा की भव्य बिंदोली पुस्तक बाजार भीड़ भंजन पाश्र्वनाथ मंदिर से निकाली जाएगी। जैन भवन पहुंचकर चौबीसी धार्मिक कार्यक्रम में परिवर्तित हो जाएगी।
Published on:
27 Feb 2023 08:47 pm
बड़ी खबरें
View Allनीमच
ट्रेंडिंग
