
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य।
नीमच. उद्यमिता के गुण से व्यक्ति व्यावसायिक सुअवसरों की खोज करके नए नए उद्योंगों की स्थापना करके देश के आर्थिक विकास की गति को बढ़ाने में अपना योगदान करता है।
यह बात श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एनके डबकरा ने उद्यमिता सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित एक सेमीनार में व्यक्त किए। डॉ. डबकरा ने छात्राओं को सम्बोधित करते हुए प्रेरित किया कि आज का युवा वर्ग केवल नौकरी के पीछे न भागे बल्कि अपने कौशल से स्वयं का कोई व्यवसाय या लघु उद्योग शुरू करके भी अपने कॅरियर को बेहतर एवं उज्जवल बना सकता है। सेमिनार के दूसरे मुख्य वक्ता अर्थशास्त्र के प्राध्यापक डॉ. पीसी रांका ने कहा कि उद्यमिता दिवस मनाने का उद्देश्य उन लोगों के प्रति आभार एवं सम्मान प्रकट करना है, जिन्होंने व्यवसाय या उद्योग चलाने के लिए सभी प्रकार की चुनौतियों का सामना करके इस देश की आर्थिक तरक्की में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। एक सफल उद्यमी परिश्रमी, दूरदर्शी, नेतृत्व क्षमता रखने वाला तथा कल्पनाशीलता के साथ उत्पादन में नवाचार करने वाला होता है। प्रो. रांका ने भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति रिलायन्स कम्पनी के संस्थापक धीरूभाई अम्बानी तथा एमडीएच कम्पनी के संस्थापक धर्मपाल गुलाटी के जीवन संघर्षों की कहानी सुनाते हुए तथा अनेक सफल महिला उद्यमियों के उदाहरण देते हुए छात्राओं को उद्यमिता के क्षेत्र में साहस दिखाने के लिए प्रेरित किया। सेमिनार के तृतीय मुख्य वक्ता वाणिज्य विभाग के प्राध्यापक डॉ. अलकेश जायसवाल ने कहा कि उद्यमिता मानवीय संसाधन का सही एवं पूर्ण उपयोग करने की क्षमता ही उद्यमी जोखिम उठाकर भूमि, श्रम, पूंजी एवं प्रबंध की सहायता से उत्पादन करता है। उद्यमिता किसी भी व्यवसाय का मूलाधार है। नए विचार एवं योजनायें सभी के पास होती है। आवश्यकता जोखिम उठाकर उन्हें कार्यरूप में परिणित करने की है। सेमिनार के आयोजन में अतिथि विद्वान मनोज धाकड़ का विशेष सहयोग रहा। बड़ी संख्या में महाविद्यालय की छात्राएं उपस्थित थीं। सेमीनार का संचालन तथा आभार प्रदर्शन डॉ. पीसी रांका ने किया।
Published on:
23 Aug 2023 12:03 pm
बड़ी खबरें
View Allनीमच
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
