जहां एक ओर शिवलयों में पूजा अर्चना का दौर चल रहा था, वहीं कावडि़ए भी विभिन्न स्थानों से जल लेकर शिव शंकर का अभिषेक करने के लिए निकल पड़े। जहां जहां से कावड़ यात्रा निकली वातावरण भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा था। शाम को शहर सहित अंचलों के सभी शिव मंदिरों में महाआरती में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा।