22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रकृति से सामंजस्य और जैविक खेती अपनाकर रोजगार पाएं

जाजू कन्या महाविद्यालय में जैविक खेती आधारित ऑर्गेनों विजन कार्यशाला प्रारंभ

2 min read
Google source verification

नीमच

image

Mukesh Sharaiya

Dec 17, 2022

प्रकृति से सामंजस्य और जैविक खेती अपनाकर रोजगार पाएं

कार्यशाला को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सीपी पचौरी।

नीमच. श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जैविक खेती आधारित ऑर्गेनों विजन कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र ेके प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सीपी पचौरी ने कहा कि प्रकृति से सामंजस्य और जैविक खेती अपनाकर स्वास्थ्य और रोजगार पाएं।

विश्व बैंक परियोजना और महाविद्यालय की आइक्यूएसी सेल के तत्वावधान में कन्या कॉलेज में सात दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता डॉ. सीपी पचौरी, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसएस सारंगदेवोत, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रतिभा कालानी द्वारा सरस्वती पूजन कर किया गया। कार्यशाला की रूपरेखा संयोजक प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. साधना सेवक ने प्रस्तुत की। इन 7 दिनों में नई शिक्षा नीति के तहत व्यवसायिक पाठ्यक्रम जैविक खेती के 2 वर्षों के मुख्य विषयों का अध्यापन व्याख्यान आयोजित करने की जानकारी दी। इसमें अंत के 2 दिवसों में शैक्षणिक भ्रमण द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र नीमच में जैविक खादों के प्रकार, तैयार करने की विधिए मल्चिंग विधि, जैविक कृषि के प्रकार, पॉलीहॉउस आदि विषयों की प्रायोगिक कार्य करवाए जाएंगे। प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रतिभा कालानी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए छात्राओं को कार्यशाला के विषयों के अध्ययन से स्वयं के जीवन में जैविक खेती अपनाकर स्वरोजगार और स्वास्थ्य लाभ लेने की प्रेरणा दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ0 श्यामसिंह सारंगदेवोत ने कृषि विज्ञान केंद्र, भारत सरकार के कृषि विज्ञान अनुसंधान केंद्र, कृषि विश्वविद्यालय महाविद्यालयों के संचालन, उनके कार्य और वैज्ञानिकों के योगदान की जानकारी दी। साथ ही इस क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार और इसकी तैयारी के बारे में बताया। मुख्य वक्ता डॉ. सीपी पचौरी ने सरल धारा प्रवाह शैली में प्राकृतिक खेती की अवधारणा, जैविक खेती की परिभाषा, आवश्यकता, उद्देश्य, प्रकार, लाभ और महत्व की जानकारी दी। संचालन वनस्पति विभागाध्यक्ष संयोजक डॉ. प्रियंका ढलवानी ने किया। आभार प्रदर्शन सूक्ष्म जीव विज्ञान सहायक प्राध्यापक दीक्षा भार्गव ने किया। कार्यशाला में गणित, जीव विज्ञानए कम्प्यूटर एवं कला संकाय की छात्राएं उपस्थित थी।