3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अफीम किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, यहां बनेगा नया प्लांट, 3 साल में किसानों की संख्या होगी ढाई लाख पार

Opium Farmers : नवंबर 2026 से पूरी क्षमता के साथ उत्पादन शुरू करेगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद देशभर में अफीम किसानों की संख्या 90 हजार से बढ़कर ढाई लाख तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

2 min read
Google source verification
कस्टम हायरिंग सेंटर

Photo Source- Patrika

कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट

Opium Farmers : अफीम उत्पादक किसानों के लिए एक उत्साहजनक सूचना सामने आई है। मध्य प्रदेश के नीमच जिले के मोरवन में अत्याधुनिक अफीम प्रसंस्करण प्लांट निर्माणाधीन है, जो नवंबर 2026 से पूरी क्षमता के साथ उत्पादन शुरू करेगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद देशभर में अफीम किसानों की संख्या 90 हजार से बढ़कर ढाई लाख तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

ये जानकारी नीमच के डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर कार्यालय में आयोजित अफीम किसान सलाहकार समिति की बैठक में सामने आई। बैठक की अध्यक्षता डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर ने की, जिसमें सांसद सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पति शंभूलाल धाकड़ सहित कई किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

किसानों ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव

-बैठक में किसानों व जनप्रतिनिधियों ने सरकार और नारकोटिक्स विभाग के समक्ष कई सुझाव रखे:

-अफीम की खेती का रकबा बढ़ाया जाए।

-शासकीय समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की जाए।

-जिन किसानों के पति दिवंगत हो चुके हैं, उनके पट्टों में पत्नी का नाम जोड़ा जाए।

-भरण-पोषण हेतु पात्र महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए।

-किसानों की भविष्य सुरक्षा के लिए विशेष योजनाएं लागू हों।

मोरवन प्लांट: देश का नया अफीम हब

बैठक के दौरान ये जानकारी दी गई कि, मोरवन में बन रहा नया प्लांट अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा जिसकी प्रसंस्करण क्षमता 10,000 टन से अधिक होगी। फिलहाल नीमच स्थित प्लांट की क्षमता मात्र 3,000 टन है। नए प्लांट से अफीम की प्रोसेसिंग व्यवस्था अत्यधिक सुदृढ़ हो जाएगी, जिससे नए किसानों को जोड़ा जाना भी सरल हो सकेगा। प्लांट से मॉर्फिन, ऐश और अन्य बाय प्रोडक्ट्स का निर्माण किया जाएगा। ये प्लांट निजी कंपनी द्वारा संचालित किया जाएगा और इसका पूरा संचालन नवंबर 2026 से शुरू होने की योजना है।

नीति निर्माण में किसानों की अहम भूमिका

हर साल अफीम नीति निर्धारण किसानों के सुझावों के आधार पर किया जाता है। इस बैठक के बाद भी नए सुझावों को अमल में लाया जाएगा और अफीम नीति में बदलाव संभव है। सरकार का लक्ष्य पारंपरिक अफीम उत्पादकों को सुरक्षित रखना और जरूरतमंद परिवारों को आजीविका उपलब्ध कराना है।

नारकोटिक्स कमिश्नर दिनेश बौद्ध से विधायक सखलेचा ने की फोन पर बात

सुझाव बैठक में अफीम रकबे को बढ़ाने और अन्य तकनीकी विषयों पर डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर द्वारा संतुष्ट पूर्ण जवाब नहीं देने के कारण पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने नारकोटिक्स कमिश्नर दिनेश बौद्ध से अफीम का रकबा बढ़ाने और अन्य किसानों के हितेषी जानकारियां के लिए नारकोटिक्स कमिश्नर दिनेश बौद्ध से फोन पर चर्चा कर रकबा बढ़ाने वाली और किसानों के अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा- 'सरकार का उद्देश्य है कि पारंपरिक अफीम उत्पादकों को सुरक्षित रखा जाए और साथ ही जरूरतमंद परिवारों को इस योजना में शामिल कर उनकी आजीविका सुनिश्चित की जाए।”

नीमच विधायक रहे अनुपस्थित

गौरतलब है कि, इतनी अहम बैठक में नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े किए। अफीम किसानों की भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक से दूरी बनाए रखना उनकी गंभीरता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।