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अरावली की पहाड़ी पर नजर आए 30 हजार लोग

-हरियाली अमावस्या पर प्राकृतिक सौंदर्य और सैर सपाटे का लिया लुत्फ-जिलेभर में धूमधाम से मनाई हरियाली अमावस्या-सुखानंद धाम और किलेश्वर महादेव पर उमड़ा सैलाब

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Hariyali amavashya news neemuch

नीमच. हरियाली अमावस्या जिलेभर में धूमधाम से मनाई गई। इस दिन जिलेवासियों ने जहां मंदिरों में पहुंंचकर पूजा अर्चना की, वहीं पर्यटन स्थलों पर पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य और हरियाली के बीच सैर सपाटे का भी लुत्फ उठाया। ऐसे में जहां शहर के किलेश्वर महादेव मंदिर पर दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही, वहीं अठाना के समीप स्थित सुखानंद धाम पर हजारों की संख्या में जन सैलाब उमड़ा।
बतादें की सावन माह की हरियाली अमावस्या इस बार शनिवार के दिन आने के कारण शनिश्चरी अमावस्या का भी योग बना, इस कारण सांवरिया सेठ, शिव मंदिर सहित अन्य मंदिरों के साथ ही शनि मंदिर में भी सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रही। जहां शनिवार को जिले के हर मंदिर और पर्यटन स्थलों पर हजारों की संख्या में लोग नजर आए। वहीं शहर के गली मोहल्लों और चौराहों पर सजी मालपुए की दुकानों पर भी लोगों का हुजूम नजर आया। क्योंकि हरियाली अमावस्या पर मालपुए का विशेष भोग लगाया जाता है।
सुखानंद महादेव पर उमड़ा हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब
अठाना. मध्यप्रदेश सहित राजस्थान में प्रसिद्ध सुखदेव मुनि की तपोस्थली सुखानंद महादेव पर शनिवार को हरियाली अमावस्या पर करीब30 से35 हजार श्रद्धालु पहुंचे। ऐसे में पूरे आरावली पर्वत पर श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आ रहे थे। कोई दर्शन पूजन में लीन था, तो कोई झरने और पर्वत की अनुपम छटा को निहारने में लगा था। चूकि यह तीन दिवसीय मेला भी लगा है इस कारण यहां पहुंचने वाले लोगों ने मेले का भी जमकर लुत्फ उठाया।
इस बार सुखानंद महादेव अरावली पर्वत के नीचे ग्राम पंचायत तुंबा की ओर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया गया जो रविवार तक चलेगा, इसमें प्रतिदिन रात को भजन संध्या का आयोजन भी किया जा रहा है। इस बार विशाल जन सैलाब को देखते हुए पुलिस की अठाना से लेकर सुखानंद महादेव तक हर चौराहे पर व्यवस्था नजर आई। वहीं चिकित्सा सुविधा के साथ ही अन्य सुविधाएं भी होने से किसी को कोई दिक्कत नहीं आई। यहां करीब २०० मीटर के क्षेत्र में मेला लगा था, वहीं पर्वत से करीब पौन किलोमीटर दूर ही पार्किंग व्यवस्था की गई थी। करीब 8 से 10 किलोमीटर के दायरे में तैनात पुलिस द्वारा रास्ते में किसी को वाहन भी खड़े नहीं करने दिए गए। सुखानंद में शनिवार को अलसुबह 5 बजे से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे, जिनकी आवाजाही रात करीब9 से 09.30 बजे तक यूं ही बनी रही।