मुख्यमंत्री जल आवर्धन योजना के आकार लेने के बाद नागरिकों को भरपूर जलापूर्ति का भरोसा दिलाया जा रहा है। अब तक की स्थिति में शहर के कई आवासीय क्षेत्रों में 4 से 5 दिन छोड़कर जलापूर्ति हो रही है। नियमित और भरपूर पानी मिलने की दशा में जलकर वृद्धि को जरूरी बताया गया है। प्रस्ताव के अनुसार नल संयोजन शुल्क और जलकर के लिए शहर में निवासरत परिवारों को ए से लेकर एफ तक की श्रेणियों में विभक्त किया गया है। ए श्रेणी में ऐसे बीपीएल परिवार जिन्हें संपत्ति कर मुक्त रखा गया है, बी में बीपीएल किंतु 2100 वर्ग फिट तक के मकान में रहने वाले, इसमें शासकीय भी, सी में 200 वर्ग मीटर फ्लोर एरिया वाले भवन एवं आवासीय बल्क संयोजन, डी श्रेणी में वाणिज्यिक, ई श्रेणी में होटल रेस्टोरेंट, सार्वजनिक संस्थान, एफ श्रेणी में 12 बेड से अधिक के हास्पीटल, उद्योग, मैरिज गार्डन आदि शामिल किए गए हैं। ए श्रेणी को नल कनेक्शन के लिए 1000 रुपए देना होंगे, जबकि बढ़ते क्रम में एफ श्रेणी के लिए 8750 रुपए संयोजन शुल्क तय किया जा रहा है। संयोजन विच्छेद के लिए भी 250 से 3500 रुपए देना होगा। मीटर शुल्क प्रतिमाह 20 से 50 रुपए तक लिया जाएगा। मीटर टेस्टिंग फीस अलग है। बिना मीटर के जलदर 90 रुपए से 440 रुपए तक और मीटर वाले कनेक्शन पर 75 से 350 रुपए तक लगाया जाएगा। पहली श्रेणी के लिए 7 रुपए 50 पैसे प्रति किलोलीटर की दर से जलकर लिया जाएगा तो एफ श्रेणी के लिए 37 रुपए 50 पैसे प्रति किलोलीटर तक शुल्क होगा। इसके अलावा सीवर संयोजन शुल्क भी जल दर का 60 प्रतिशत के मान से निर्धारित करने का प्रस्ताव है।