
जेल से भगाने में 4 से 5 लोगों ने मदद की होगी।
नीमच. जिस तरह से कैदियों ने कनावटी जेल से भागने में सफलता हासिल की है इससे इस बात की आशंका को बल मिलता है कि जेल प्रहरियों का हाथ में पूरा हाथ है। बैरक के दो सरियों को कटाने में भी कुछ दिन लगे होंगे। रस्सी की मदद से जेल से बाहर निकलने में कम से कम एक घंटा तो अवश्य लगा होगा। जेल से भगाने में 4 से 5 लोगों ने मदद की होगी।
पुलिस अधीक्षक राकेशकुमार सगर ने बताया कि रस्सी से ऊपर चढ़ते समय एक कैदी का मोबाइल नीचे गिर गया। इससे काफी जानकारी मिली है। जेल से भागने में इस मोबाइल का उपयोग किया गया है। कैसे और कब सहयोग आएंगे इस बात की जानकारी भी मोबाइल में है। मोबाइल से कुछ नंबर मिले हैं जिनकी मदद से फरार कैदियों या उनका सहयोग करने वालों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। एसपी ने बताया कि मुझे सुबह 4.30 बजे के करीब जेल से कैदियों के भागने की जानकारी मिल गई थी। कलेक्टर और मैं 15 मिनट बाद जेल पहुंच गए थे। जेल का निरीक्षण किया। जिस स्थान से कैदी भागे से वहां की स्थिति देखी। जिस बैरक में चारों कैदी बंद थे वहां से 5-6 आरी मिली जिनकी मदद से बैरक की लोहे की रॉड काटी गई थी। एसपी ने इस बात की पुष्टि की कि जिस ११ नंबर बैरक में बंद 4 कैदी फरार हुए है इसके आसपास के बैरक में बंद कैदियों को उनके भागने की पूरी जानकारी है। पूरी योजना के बारे में भी आसपास के बैरक के कैदी जानते हैं, लेकिन अब तक की पूछताछ में किसी ने अपना मुंह नहीं खोला है। जिस बैरक से कैदी फरार हुए हैं उस क्षेत्र में करीब 80 से 90 कैदी बंद हैं। सभी से पूछताछ की जाएगी। सुबह ही खोजी कुत्ते को भी जेल लेकर आए थे। जिस बैरक में कैदी बंद थे वहां और जिस दीवार को रस्सी की मदद से फांदकर भागे थे वहां खोजी कुत्ता को ले गए थे। जेल के पीछे के रास्ते से कुत्ता जावद फंटे तक गया था। वहां से कैदियों ने भागने के लिए किसी वाहन की मदद ली होगी। कैदियों का सहयोग करने वाले लोग पैदल की जेल तक पहुंचे होंगे इसकी संभावना अधिक है। कैदियों के भागने की जानकारी मिलने के बाद नीमच जिले के तीन ओर लगने वाली राजस्थान की सीमा को सील कर सघन तलाशी ली गई। बसों और टे्रन में भी तलाशी ली गई, लेकिन कहीं से कोई सुराग हाथ नहीं लगा। एडीजी जेल सुधीर साही भी नीमच पहुंचे है। उन्होंने भी कैदियों के फरार होने पर विभागीय स्तर पर जांच प्रारंभ कर दी है। एसपी ने बताया कि कैदियों ने जहां के पते लिखावाए हैं वहां पुलिस टीम भेजी गई थी, लेकिन सभी मकानों पर ताले मिले। इससे भी पता चलता है कि कितने बड़े स्तर पर कैदियों ने जेल से फरार होने की योजना बनाई है। कैदियों के जेल से फरार होने की सूचना राजस्थान के कोटा, चित्तौडग़ढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, झालावाड़ सहित मंदसौर, रतलाम जिलों की पुलिस को भी दी है। सब दूर कैदियों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
Published on:
24 Jun 2019 02:00 pm
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