
34 साल की नौकरी में सरकारी मुलाजिम बन गया करोड़ों का आसामी
नीमच. महज 34 साल की सरकारी नौकरी में किसी के पास करोड़ों की संपत्ति हो जाए तो जांच एजेंसियों की नजरें टेढ़ी होना स्वाभाविक है। नीमच में एक ऐसे ही द्वितीय श्रेणी के वन विभाग अधिकारी के तीन ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने छापामार कार्रवाई कर आय से अधिक संपत्ति का मामला उजागर किया है।
नल से पानी भरने के लिए उठे तो सामने लोकायुक्त की टीम खड़ी थी-
बुधवार सुबह करीब 6 बजे वन विभाग के रेंज ऑफिसर जगदीशचंद्र चौधरी इंदिरा नगर नीमच स्थित बंगले पर रोजाना की तरह नल चैक करने उठे, पंप का बटन दबाने के लिए जैसे ही उन्होने मेनगेट खोला तो सामने लोकायुक्त पुलिस की टीम खड़ी थी। देखते ही चौधरी के हाथपांव फूल गए। टीम ने वारंट दिखाकर घर में प्रवेश किया और इसके बाद जो परतें उखड़ी उससे वन अधिकारी के होश फाख्ता हो गए।
गाड़ी, बंगला, वेयरहाउस, खेत और ज्वैलरी-
जगदीशचंद्र चौधरी की भर्ती वन विभाग में 1984 में फारेस्ट गार्ड के रूप में हुई थी। तब से लेकर अब तक की नौकरी में उन्होने अकूत संपदा जुटाई। २००३ में उन्होने नीमच में 51 बीघा खेत खरीद लिया था। इसके अलावा नारायणगढ़ क्षेत्र में भी संपत्तियां हैं। इंदिरा नगर में एमआईजी में शानदार मकान, ट्रेक्टर-ट्रॉली, कार, शानदार बुलेट और एसी से लगाकर तमाम विलासिता के सामान उन्होने जुटाए। खेत पर पिछले वर्षों में 3 करोड़ का शानदार वेयरहाउस बनाया। इस पर सरकार से लोन भी लिया। हालांकि लोन केवल 2 करोड़ 87 लाख का था लेकिन इस वेयरहाउस को सब्सिडी मिलने के पहले ही चौधरी ने बनवा लिया था। लोकायुक्त की जांच में करीब 200 ग्राम सोना, डेढ़ किलो चांदी के आभूषणों की जानकारी भी मिली तो लगभग ४ लाख के जेवर मणप्पुरम गोल्ड के पास रखकर लोन उठाने का मामला भी प्रकाश में आया।
इन स्थानों पर भी हुई जांच-
लोकायुक्त संगठन उज्जैन के निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव के साथ ७ अधिकारियों, कर्मचारियों की टीम ने चौधरी के इंदिरा नगर स्थित बंगले पर जांच की तो निरीक्षक अंतिम पंवार के साथ एक टीम ने रामपुरा स्थित चौधरी के सरकारी आवास पर जांच पड़ताल की। एक अन्य टीम ने बायपास पर स्थित वेयरहाउस पर जांच कार्रवाई की। खबर लिखे जाने तक संपत्ति के आलकन की पड़ताल जारी थी।
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वन विभाग के रेंजर जगदीशचंद्र चौधरी के इंदिरा नगर स्थित निवास, बायपास पर वेयरहाउस, रामपुरा में सरकारी आवास पर जांच की गई है। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत की तस्दीक के बाद यह कार्रवाई की गई है। लगभग 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति का फिलहाल पता चला है, जांच जारी है। - बसंतकुमार श्रीवास्तव, निरीक्षक लोकायुक्त पुलिस उज्जैन
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Published on:
29 Aug 2018 02:48 pm
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