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नीमच. एक समय था जब थोड़ा भी गंभीर रोग होने पर मरीजों को अहमदाबाद, उदयपुर या इंदौर भटकना पड़ता था। हालात यह थे कि जिला स्तर का सरकारी अस्पताल होने के बाद भी मरीजों की जांच के नमूने सागर, भोपाल, इंदौर भेजे जाते थे। कई-कई दिनों के इंतजार के बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं आती, नतीजे में या तो मरीज गंभीर हो जाते या समझदार परिजन बिना देरी किए बड़े शहरों में उपचार के लिए उन्हें ले जाते। लेकिन अब यहां इन गंभीर बीमारियों का उपचार और जांच की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
डेंगू जैसे गंभीर रोगियों का पता लगाने के लिए अब तक इंदौर, भोपाल या सागर की चिकित्सा प्रयोगशालाओं पर निर्भर रहना पड़ता था। इस सीजन में डेंगू की जांच की व्यवस्था नीमच जिला चिकित्सालय में ही शुरू कर दी गई है। धीरे-धीरे अन्य गंभीर बीमारियों की जांच भी इसी चिकित्सालय में शुरू की जा रही है।
पिछले वर्षों में नीमच जिले में डेंगू, चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों की जांच के लिए बाहरी प्रयोगशालाओं पर भी जिला चिकित्सालय को निर्भर रहना पड़ता था। कई बार जांच रिपोर्ट एक सप्ताह बाद आती थी। जांच रिपोर्ट में देरी को देखते हुए परिजन मरीज को अन्यत्र उपचार के लिए ले जाते थे। ऐसे भी मामले सामने आए जिसमें मरीज की जांच दूसरे शहरों के अस्पतालों में करवाने पर वे नेगेटिव पाए गए। जबकि कुछ मरीजों का समय पर भी उपचार होने से वे खतरे से बच गए।
डेंगू के संदिग्ध मरीजों की हुई जांच-
पिछले एक पखवाड़े में डेंगू के दो संदिग्ध मरीज नीमच में रिपोर्ट हुए। एक इंदौर से और दूसरा राजस्थान से आया था। तब तक नीमच जिला चिकित्सालय में डेंगू की जांच की व्यवस्था कर दी गई। दोनो मरीजों का परीक्षण किया गया तो वे डेंगू नेगेटिव पाए गए हैं। उनके परिजनों ने भी राहत की सांस ली है। इसके बाद उन्होने बेहतर उपचार लिया और ताजा जानकारी के अनुसार वे स्वस्थ हैं।
इन बीमारियों की भी हो सकेगी जांच-
नीमच में डेंगू रोग की जांच की व्यवस्था के बाद अब चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू की भी जांच की व्यवस्था की जा रही है। पिछले वर्ष स्वाइन फ्लू के करीब ३ संदिग्ध मरीज यहां पाए गए थे। जिनमें से दो को उदयपुर और एक को इंदौर उपचार के लिए ले जाया गया था। वर्तमान में मलेरिया की रोजाना लगभग २० स्लाइड ली जा रही है। हालांकि चिकित्सा अमले को निर्देश दिए गए हैं कि जितने भी रोगी शासकीय चिकित्सालयों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मौसमी बीमारियों, बुखार के पहुंच रहे हैं, उनकी स्लाइड तैयार की जाए। नीमच जिले में एक वर्ष में लगभग एक लाख स्लाइड तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
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जिला चिकित्सालय में डेंगू की जांच शुरू कर दी गई है। दो संदिग्ध रोगी आए थे उनकी जांच कर हम पता लगा सके कि वे नेगेटिव पाए गए। डेंगू के उपचार के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। इसके बाद हम स्वाइन फ्लू जैसे रोगों की जांच की व्यवस्था भी शुरू करने जा रहे हैं। मलेरिया की जांच निरंतर जारी है। अभी तक कोई गंभीर रोगी सामने नहीं आया। - डा.पंकज शर्मा, सीएमएचओ नीमच
Published on:
28 Aug 2018 10:49 pm
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