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इन छायाकारों की तस्वीरें बोल उठी इस शहर के बारे में

- फोटोग्राफी दिवस पर छायाकारों ने किया अनूठा प्रयोग- जिम्मेदारों ने कहा तस्वीरें देख करेंगे सुधार

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नीमच. विश्व फोटोग्राफी दिवस पर शहर में छायाकारों ने रैली निकाली और एक छाया चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया। स्वच्छ और अस्वच्छ शहर विषय पर शहर के हालातों को छायाकारों ने कैमरे की नजर से दिखाया।
प्रात: ११ बजे विजय टॉकिज चौराहे से छायाकारों की रैली प्रारंभ हुई। जो टैगोर मार्ग, फोर जीरो, कमल चौक, फव्वारा चौक, बारादरी, नया बाजार, घंटाघर होते हुए पुन: विजय टॉकिज चौराहे पर विसर्जित हुई। प्रदर्शनी में ५० वर्ष पुराने कैमरे की वाहन में प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। मार्ग में सामाजिक साहित्यिक संस्था कृति के सदस्यों एवं विधायक दिलीपसिंह परिहार ने रैली का स्वागत किया और छायाकारों को विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुभकामनाएं दी। इसके बाद पटेल प्लाजा में छाया चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी के जरिए छायाकारों ने शहर में सुंदरता और गंदगी के हालातों की तस्वीरें लगाई। कुछ फोटो शहर के सौंदर्य का बखान कर रहे थे तो कुछ फोटो में गंदगी के नजारे दिखाकर हालात ठीक करने की जरूरत बताई गई। प्रदर्शनी का अवलोकन कर नगरपालिका परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी विश्वास शर्मा ने कहा कि छायाकारों का प्रयास सराहनीय है, उन्होने जिन क्षेत्रों की समस्याओं को तस्वीरों के माध्यम से उजागर किया है उन पर गौर कर व्यवस्थाओं में सुधार लाएंगे। मंडी व्यवसायी जंबुकुमार जैन, कृति संस्था के किशोर जेवरिया सहित नागरिकों ने अवलोकन किया।
इस आयोजन में शामिल हुए छायाकारों ने बताया कि किसी ने शहर के मुहाने पर लगी खूबसूरत दरवाजों को कैद किया तो किसी ने यहां हाल ही में विकसित हुए बगीचों का सौंदर्य कैमरों की नजर से देखा। किसी ने सुंदर तालाब को बदसूरत बना रही गंदगी दिखाई तो किसी ने जिम्मेदारों की बेपरवाही से होते शहर के बुरे हालातों को कैद किया। आम नागरिकों की समस्याओं पर भी कैमरों की नजर गई। मूलभूत सुविधाओं, जरूरततों को भी तस्वीरों में कैद किया गया था।
इस अवसर पर छायाकार अरूण त्रिवेदी, देवेंद्र तिवारी, राकेश सिसौदिया, प्रकाश बैरागी, शशिकांत दुबे, राजेंद्रसिंह चुंडावत सहित बड़ी संख्या में छायाकार मौजूद रहे।
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