
योजना क्रमांक ३६बी के इस भूखंड पर नपा को कब्जा करने के लिए करना पड़ रही जद्दोजहद।
नीमच. नगर सुधार न्यास (टीआईटी) ने वर्ष 1993 में चिकित्सालय खोलने के लिए एक महिला चिकित्सक को भूमि आवंटित की थी। भूमि आवंटन में शर्त थी कि भूमि बेची नहीं जाएगी। इस शर्त का उल्लंघन करते हुए जमीन बेच दी गई। आज इस जमीन पर कब्जा हासिल करने के लिए नगरपालिका को जद्दोजहद करना पड़ रही है।
सीआरपीएफ में पदस्थ थीं चिकित्सक
योजना क्रमांक ३६बी में भूखंड क्रमांक 1049 का आवंटन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल नीमच में पदस्थ रहीं महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ सुखप्रेम कौर को वर्ष 1993 में नगर सुधार न्यास ने चिकित्सालय खोलने के लिए आवंटित किया था। महिला चिकित्सक पंजाब की रहने वाली थीं। उन्होंने नीमच में जमीन यह कहकर ली थी कि पंजाब अशांत शहर है। नीमच में लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। ढिल्लन को जब भूखंड आवंटित किया गया था तब शर्त भी रखी गई थी कि भूमि बेच नहीं सकते हैं और 24 महीने में अस्पताल बनाना अनिवार्य रहेगा। बावजूद इसके महिला चिकित्सक ने वर्ष 2011 में उक्त भूमि बेच दी। इसकी जानकारी मिलने पर नगरपालिका परिषद ने स्वत: मामला संज्ञान में लिया और 21 अप्रैल 2011 को भूखंड आवंटन/पट्टा निरस्त कर दिया था। नगर सुधार न्यास ने वर्ष 1993 में महिला चिकित्सक को इस उद्देश्य से जमीन आवंटित की थी यहां अस्पताल बनने से मरीजों को उपचार कराने के लिए उदयपुर सहित अन्य बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। जमीन आवंटन के समय शर्त थी कि जमीन बेच नहीं सकेंगे। जमीन बेचने और नपा द्वारा आवंटन निरस्त करने के बाद बाद नगरपालिका की ओर से जमीन का कब्जे लेने की कार्रवाई की गई, लेकिन कब्जा नहीं दिया गया। जानकारों की माने तो कलेक्टोरेट के सामने कौने की जमीन की आज कीमत करोड़ों रुपए की है।
जिसने खरीदा उसने की आपत्ति
उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत चरितार्थ करते हुए जिस व्यक्ति ने महिला चिकित्सक से भूखंड खरीदा था उसने नगरपालिका के खिलाफ की एक शिकायत अपर सचिव नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल को की है। आरोप लगाए हैं कि नगरपालिका के स्वामित्व की जमीन होने के बाद भी नामांतरण नहीं किया जा रहा है। उल्टा परेशान किया जा रहा है। हम जनहित में कार्य करना चाहते है लेकिन नगरपालिका हमें करने नहीं दे रही है। इसको लेकर 14 सितंबर को भोपाल में सुनवाई है। भोपाल में सुनवाई के दौरान अभिभाषक महेश पाटीदार से नपा का पक्ष रहने के लिए अनुरोध किया गया है। अपर सचिव के समक्ष होने वाली सुनवाई में मुख्य नगरपालिका अधिकारी संजेश गुप्ता, कार्यालय अधीक्षक ओएल मंदारा और अभिभाषक महेश पाटीदार भी भोपाल पहुंचेंगे।
आवंटन कर दिया है निरस्त
भोपाल में 14 सितंबर को सुनवाई होना है। नगरपालिका की ओर से पक्ष रहने भोपाल जा रहा हूं। भूमि नपा की है। नियम विरूद्ध इसे बेचा गया था। नपा परिषद ने जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया है।
- ओएल मंदारा, कार्यालय अधीक्षक नपा
Published on:
13 Sept 2018 11:06 pm
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