नीमच. अंतत: कलेक्टोरेट के समीप करोड़ों की जमीन पर अवैधानिक रूप से ‘गुमटी बाजार’ बसाने के मंसूबे पर पानी फिर ही गया। ‘पत्रिका’ में प्रकाशित खबर और आला अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाने के बाद रविवार सुबह नगरपालिका प्रशासन का पंजा (बुल्डोजर) चल ही गया। चौकाने वाली बात यह रही कि स्थाई रूप से लग चुकी गुमटी को हटाने की बजाय केवल चेतावनी दी गई।
पत्रिका के 12 मार्च के अंक में ‘अब कलेक्टोरेट के सामने करोड़ों की जमीन पर ‘गुमटी बाजार’ की तैयारी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इस संबंध में आला प्रशासनिक अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से भी सूचित किया गया था। बताया था कि यदि समय रहते गुमटियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में यह ‘नासूर’ बन जाएंगी। अधिकारियों और नपाध्यक्ष स्वाति चौपड़ा ने गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। रविवार सुबह नपा का अमला कलेक्टोरेट के समीप औद्योगिक क्षेत्र पहुंचा। यहां औद्योगिक क्षेत्र की बाउंड्रीवाल से सटाकर कुछ लोगों ने गुमटी लगाने के लिए अस्थाई रूप से कब्जा करना शुरू कर दिया था। एक-दो लोगों ने तो पक्के प्लेटफार्म बनाकर अवैधानिक रूप से गुमटियों का संचालन भी शुरू कर दिया। रविवार को नपा सीएमओ गरिमा पाटीदार व नपाध्यक्ष स्वाति चोपड़ा के निर्देश पर नपा अधिकारी-कर्मचारियों का दल जैसे ही मौके पर पहुंचा वहां हड़कम्प मच गया। जो लोग गुमटी का संचालन कर रहे थे वे सकते में आ गए। उन्हें कार्रवाई से अवगत कराते हुए वहां से गुमटी हटाने की चेतावनी दी गई। जिन लोगों ने ठेले और गुमटी रखकर कब्जा करना प्रारंभ किया था उनपर बुल्डोजर चलाया गया। गुमटी और ठेले उठाकर पुरानी नगरपालिका कार्यालय परिसर में रखवाए गए। मौके से करीब 3 से 4 घुमटियों को हटाया गया। कार्रवाई करने पहुंचे दल के सदस्य नपाकर्मी हेमंत कलोसिया ने बताया कि निर्माणधीन न्यायालय परिसर के सामने औद्योगिक क्षेत्र की दीवार से लगाकर अवैध रूप से गुमटियां रखी जा रही थी। इसकी शिकायत नपाध्यक्ष और सीएमओ को मिली थी। रविवार को सीएमओ के निर्देश पर मौके से 3 से 4 गुमटियां हटाई गई हैं। बाकी गुमटी संचालकों को चेतावनी दी गई है। यदि वे स्वेच्छा से गुमटी नहीं हटाते हैं तो उन्हें भी हटाया जाएगा।