
जो सबसे अधिक आएगा स्कूल, उसे मिलेगा प्रशस्ति-पत्र, ट्राफी और पुरस्कार
नीमच. शासन द्वारा शासकीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए किए गए सारे जतन फेल होने के बाद जिले के छोटे से गांव में एक शिक्षक द्वारा नवाचार किया, तो बच्चों की उपस्थिति माह दर माह बढ़ती गई। पहले यह नवाचार एक कक्षा से शुरू किया था। जिसके बेहतर परिणाम आने पर इसे सभी कक्षाओं में लागु कर दिया है। अगर इसी तरह सभी शासकीय विद्यालय में बच्चों को प्रोत्साहित करना शुरू कर दिया जाए, तो निश्चित ही शासकीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति का ग्राफ बढ़ जाएगा।
बच्चों की शाला में उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से शासकीय माध्यमिक विद्यालय कचौली कक्षा ८ वीं के शिक्षक रविंद्रकुमार बिसेन ने बच्चों से कहा कि जिन बच्चों की उपस्थिति सबसे अधिक रहेगी। उन्हें वर्ष के अंत में प्रशस्ति पत्र और ट्राफी के साथ सम्मानित किया जाएगा। इससे पूर्व हर माह जिसकी उपस्थिति सबसे अधिक रहेगी। उन्हें शिक्षक के साथ फोटो खींचाने का मौका मिलेगा। जिसके सार्थक परिणाम आए, हर माह बच्चों की उपस्थिति बढ़ती गई। क्योंकि हर बच्चा अधिक से अधिक विद्यालय आने लगा। ऐसे में बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार हुआ। हर माह जो बच्चे सबसे अधिक दिन विद्यालय आते, उन्हें कक्षा में आगे बुलाकर सम्मानित किया जाने लगा। जिससे उपस्थिति का ग्राफ भी ८० से ९० प्रतिशत हो गया। यह फार्मूला कामयाब होने पर इस नियम को इस सत्र से प्रावि मावि की सभी कक्षाओं में लागु कर दिया है। अब कक्षा १ से लेकर ८ वीं तक सभी कक्षाओं में जो बच्चे सबसे अधिक विद्यालए आएंगे, उन्हें हर कक्षा वार प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वाले बच्चों को प्रशस्ति पत्र, ट्राफी और शैक्षणिक सामग्रियों के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
यह बच्चे रहे इस साल अव्वल
गत वर्ष कक्षा आठवीं में तीन बच्चों की उपस्थिति सबसे बेहतर रही, साल में कुल २३७ दिन कक्षाएं लगी थी, जिसमें करिश्मा सबसे अधिक २३० दिन विद्यालय आई, वहीं दूसरे स्थान पर ज्योति कुंवर २२३ दिन व तृतीय स्थान पर अनिशा रही, जो कुल २१६ दिन विद्यालय आई। इस प्रकार तीनों छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और ट्राफी के साथ सम्मानित किया गया।
वर्जन.
इस बार सभी कक्षाओं में जो बच्चे सबसे अधिक उपस्थित होंगे। उन कक्षाओं के प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। गत वर्ष शुरू किए इस नवाचार के परिणाम सार्थक आने पर यह नवाचार विद्यालय की सभी शालाओं में शुरू कर दिया गया है।
-रविंद्रकुमार बिसेन, शाला प्रधान, माध्यमिक विद्यालय कचौली
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Published on:
05 Apr 2019 09:52 pm
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